भीम प्रज्ञा न्यूज़.झुंझुनूं।
राष्ट्रीय आयुष मिशन, आयुष मंत्रालय भारत सरकार एवं आयुर्वेद विभाग राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में एनआरडीडी अस्पताल, मलसीसर रोड झुन्झुनू में आयोजित दस दिवसीय निःशुल्क क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का शुक्रवार को जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती रोगियों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी तथा ऑपरेशन, औषध वितरण, लैब जांच, योग कक्षाएं, भोजन, आवास एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान रोगियों से सकारात्मक फीडबैक मिलने पर जिला कलक्टर ने आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. जितेन्द्र स्वामी एवं एनआरडीडी अस्पताल के निदेशक डॉ. संदीप दुकिया को बधाई एवं साधुवाद दिया। साथ ही आयुर्वेद विभाग झुंझुनूं व एनआरडीडी अस्पताल के समस्त स्टाफ के प्रयासों की सराहना की।डॉ. गर्ग ने कहा कि क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा आयुर्वेद की एक प्रमाणिक, सुरक्षित एवं प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जिससे पाइल्स, फिस्टुला, फिशर, सायनस जैसी जटिल बीमारियों का सफल उपचार संभव है। उन्होंने रोगियों की मांग को ध्यान में रखते हुए झुन्झुनू में स्थायी क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा केंद्र की आवश्यकता जताई तथा उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग को स्थान चिन्हित कर योग्य सर्जन की नियुक्ति हेतु राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। शिविर प्रभारी डॉ. महेश माटोलिया एवं सर्जन डॉ. संनील कानोडिया ने बताया कि 15 दिसम्बर से प्रारम्भ इस दस दिवसीय शिविर में भर्ती 124 रोगियों में से छठे दिन तक 95 रोगियों के सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। सभी रोगी चिकित्सकीय स्टाफ की निगरानी में स्वयं को स्वस्थ एवं प्रसन्न महसूस कर रहे हैं। उपनिदेशक डॉ. जितेन्द्र स्वामी ने बताया कि अब तक कुल 2012 रोगियों को आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा पद्धतियों—क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा, पंचकर्म थैरेपी, अग्निकर्म एवं विद्वकर्म—से लाभान्वित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त रोग प्रतिरोधक क्वाथ, योग कक्षाएं एवं स्वस्थ जीवनशैली परामर्श के माध्यम से 3067 महिला-पुरुषों को लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि शिविर के अंतिम दो दिवस 23 व 24 दिसम्बर को 0 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार का आयोजन निरामया आयुर्वेद के आर्थिक सहयोग से किया जाएगा।
