*नशा मुक्ति के संकल्प सहित स्वावलंबन की दी गई सीख।*
मनोज खंडेलवाल
भीम प्रज्ञा न्यूज़.मंडावर। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुर्जर सीमला में आयोजित पाँच दिवसीय समाजोपयोगी उत्पादक कार्य शिविर का समापन गुरुवार को अनुशासन, संस्कार और सामाजिक चेतना के सशक्त संदेश के साथ हुआ। शिविर के दौरान छात्र–छात्राओं ने स्वावलंबन के व्यावहारिक गुणों को आत्मसात करते हुए नशा नहीं करने का सामूहिक संकल्प लिया और समाज को स्पष्ट जागरूकता का संदेश दिया। समापन समारोह में नयी दिशा नशा मुक्ति पुनर्वास संस्था बालाजी मोड के अध्यक्ष सुरेश तिवाड़ी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने नशे को समाज की जड़ों को खोखला करने वाली गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए विद्यार्थियों से आत्मसंयम, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया तथा नशा मुक्ति के व्यवहारिक उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया।
शिविर का शुभारंभ प्राचार्य मोहरसिंह मीना द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। शिविर प्रभारी गोपाल स्वरूप शर्मा ने बताया कि पाँच दिनों तक चले इस शिविर में विद्यार्थियों को योग, ध्यान और प्राणायाम के साथ सामुदायिक स्वच्छता, किचन गार्डन के रखरखाव, हस्तकला, रंगोली, कशीदा, मेहंदी, सिलाई, पाक कला, सांस्कृतिक गतिविधियों और खेल प्रतियोगिताओं का प्रशिक्षण दिया गया। इन गतिविधियों का गणमान्य अतिथियों द्वारा मूल्यांकन कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया। समापन अवसर पर नशा मुक्ति के साथ सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आपदा से बचाव जैसे विषयों पर भी विद्यार्थियों को सजग किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन, सामूहिकता और आत्मनिर्भरता का परिचय देते हुए अपने हाथों से तैयार किया गया भोजन अतिथियों को परोसा, जिसकी सभी ने सराहना की। समापन समारोह में उप प्राचार्य मुकेश कुमार बैरवा सहित शिक्षक स्टाफ के सदस्य दौलत कंवर, ज्योति चौहान, राजेश शर्मा, महेश कुमार, मुकेश मीणा, अंकित जैन और राजेन्द्र बैरवा उपस्थित रहे। विद्यालय विकास समिति से जयसिंह पटेल, मोहरसिंह सैनी, उप सरपंच बलराज, मोहरसिंह गुर्जर, भूपसिंह गुर्जर तथा अभिभावक रामस्वरूप सैनी, कमलसिंह, अशोक शर्मा, सुनील शर्मा और मूलचंद्र बैरवा की गरिमामयी मौजूदगी में शिविर का विधिवत समापन हुआ। यह आयोजन ग्रामीण परिवेश में शिक्षा को व्यवहारिक, संस्कारयुक्त और समाजोन्मुख बनाने की दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में सामने आया।
