भीम प्रज्ञा न्यूज़.नवलगढ़।
नवलगढ़ के गोठड़ा कस्बे में जगदीश माहिच ने बेटी प्रियंका माहिच के लिए एक बेटी को बेटे के बराबर ना मानने के लिए पुरानी परंपराओं को भी दरकिनार कर दिया और समाज को संदेश दिया की बेटी और बेटे में कोई फर्क नहीं है. लड़कों को घोड़ी पर बैठाकर बिंदोरी निकासी निकालने की परंपरा को दरकिनार कर जगदीश माहिच ने अपनी बेटी प्रियंका माहिच को घोड़ी पर बैठाकर बिंदोरी निकाली गई. परिजनों ने डीजे के आगे जमकर ठुमके लगाये. प्रियंका माहिच के भीम आर्मी जिला कोर कमेटी सदस्य भाई सुनील माहिच ने बताया कि लड़का घर को संवारता है पर लड़कियां दो दो घरों को संवारती हैं.वे समाज में यही संदेश देना चाहते है कि बेटियां बेटों से कम नहीं है. जरूरत है उन्हे प्रोत्साहित करने की. लिंगानुपात में बेटियों की कमी का दंश झेल रहे राजस्थान में सरकारी स्तर पर जरूर बेटियों को बराबरी के दर्जे की कवायदे जारी है लेकिन सामाजिक स्तर पर जब तक बेटी व बेटे को समानता का दर्जा नहीं मिलेगा। इस अवसर पर भीम आर्मी जिला मंत्री मुकेश आलडिया,सुलतानाराम माहिच, पोकरमल माहिच, कृष्णकुमार,शेरसिंह,महिपाल राजेन्द्र, बंटी कड़वासरा विनोद धेनवाल, देवराज, राजेश मनोहरलाल विकास,किशोर, अंकित, चन्दा, पूजा, संजू ,पूनम, सुभीता, सरिता आदि उपस्थित रहे।
