-कार्यक्रम में पूजा जांगड़ा ने उपस्थित जनसमूह को बाल विवाह न करवाने की शपथ दिलवाई
रजत विजय रंगा,
भीम प्रज्ञा न्यूज़.टोहाना। महिला और बाल विकास विभाग द्वारा 6 नवंबर 2025 को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत वार्ड 12 में जागरूकता कैंप रखा गया जिसके अध्यक्षता सुपरवाइजर पूजा जांगड़ा द्वारा की गई। उन्होंने महिलाओं को बताया कि बाल विवाह दंडनीय अपराध है इसमें करने और कराने वाले दोनों ही दोषी होते हैं। उन्होंने महिलाओं को बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के को नाबालिक माना जाता है। इस उम्र में शादी बाल विवाह ही होती है ।सुपरवाइजर द्वारा महिलाओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के बारे में बताते हुए कहा गया कि बाल विवाह एक गैर जमानती अपराध है। ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है उसको बढ़ावा देता है उसे 2 साल की सजा तथा एक लाख का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने महिलाओं को समझाया कि की बाल विवाह से बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है और इससे सिर्फ लड़की व लड़का ही नहीं प्रभावित होते बल्कि पूरा परिवार ही इससे प्रभावित होता है। बाल विवाह के परिणाम स्वरूप बच्चों की शिक्षा तथा आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर समाप्त हो जाते हैं तथा मातृत्व मृत्यु दर में बढ़ोतरी होती है साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने महिलाओं को बाल विवाह होने पर जानकारी प्रदान करने का आग्रह किया । कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को बाल विवाह न करने तथा इसकी जानकारी सरकार तक पहुंचाने के लिए उन्हें शपथ भी दिलाई गई। इस दौरान सुपरवाइजर द्वारा महिला हेल्पलाइन नंबर 181 तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली नंबर 112 के बारे में भी बताया। इस दौरान परमी नेहा सुशीला संतोष आंगनबाड़ी वर्कर मौजूद रहीं।
