*बावल के शिव मंदिर आश्रम में साधू बनकर छिपा बैठा था 10 हजार का ईनामी कातिल।*
मनोज खंडेलवाल
भीम प्रज्ञा न्यूज़.मंडावर।
मंडावर थाना क्षेत्र में तीन वर्ष पूर्व हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में से एक और 10,000 रुपये के ईनामी अपराधी विजय योगी को पुलिस ने पकड़ लिया। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के पास बावल गांव के शिव मंदिर आश्रम में साधू का वेश धारण कर फरारी काट रहे इस मोस्ट वांटेड अपराधी को साइबर सेल दौसा और मंडावर पुलिस की संयुक्त टीम ने दबोचकर बड़ी सफलता हासिल की। घटना के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा आरोपी विभिन्न तीर्थ धामों में साधुओं के साथ घूमते हुए अंततः बावल के शिव मंदिर में साधु बनकर रहने लगा था और आसपास के ग्रामीण उसे ‘महाराज’ मानकर सेवा-सत्कार तक करते रहे। यह पूरी कार्रवाई महवा सीओ मनोहरलाल के निर्देशन में की गई। मंडावर के थानाधिकारी प्रवीण कुमार और दौसा साइबर सेल प्रभारी प्रेमनारायण शर्मा के नेतृत्व में गठित तकनीकी टीम ने लगातार तकनीकी विश्लेषण, ओपन सोर्स, गुप्त सूचना एवं परंपरागत पुलिस साधनों के जरिए आरोपी के संभावित ठिकानों की खोजबीन की। तकनीकी टीम के कांस्टेबल दशरथ सिंह ने लगातार निगरानी कर महत्वपूर्ण इनपुट हासिल किए, जिसके आधार पर 19 दिसंबर 2025 को टीम हरियाणा रवाना हुई और बावल स्थित शिव मंदिर आश्रम से आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। यह वही मामला है जिसमें 16 जनवरी 2023 को गांव पालोदा में सुबह खुले चौक में ताप रहे परिवादी विश्राम योगी के परिवारजनों पर एकराय होकर लगभग 30–40 हथियारबंद लोग टूट पड़े थे। आरोपियों ने रायफल, पिस्टल और कट्टों से अंधाधुंध फायरिंग कर हीरालाल और अल्का की मौके पर ही हत्या कर दी थी तथा कई अन्य लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पत्थरबाजी में पीडीत परिवार का एक पशु भी मर गया था। इस वारदात ने उस समय पूरे मंडावर इलाके में सनसनी फैला दी थी। घटनाक्रम के आधार पर पुलिस ने थाना मंडावर में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था। कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि विजय योगी घटना के बाद लगातार फरार चल रहा था।
इस महत्वपूर्ण सफलता में मंडावर थानाधिकारी प्रवीण कुमार, साइबर सेल प्रभारी प्रेमनारायण शर्मा, कांस्टेबल जगमाल सिंह और कांस्टेबल दशरथ सिंह ने विशेष भूमिका निभाई है। तीन साल पुराने इस दोहरे हत्याकांड में मोस्ट वांटेड घोषित आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस को मामले की कड़ियां जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी और शेष फरार आरोपियों की धरपकड़ पर भी कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है।
