*डॉ स्वामी मुक्तानंद पुरी महाराज ने भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की कथा के माध्यम से दी जीवंत प्रस्तुति*
भीम प्रज्ञा न्यूज़.लक्ष्मणगढ़। यहां शंकुतला वाटिका में लक्षमनगढ नागरिक परिषद के तत्वावधान में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन रविवार को कथा स्थल पर संतों का समागम हुआ। करीब एक दर्जन साधु संत ने कथा स्थल पहुंचकर व्यासपीठ को नमन किया
कथावाचक डॉ स्वामी मुक्तानंद पुरी महाराज ने व्यास पीठ से कहा कि भगवान की कथा मानव को जीने का सलीका सिखाती है तथा जीवन चरित्र निर्माण की शिक्षा देती है। कथा के दौरान उन्होंने भगवान शिव के परिवार की अद्भुत महिमा का विस्तार से वर्णन किया। महाराजश्री ने शंखचूड़ वध, जलंधर वध आदि प्रसंगों की भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कथा के दौरान कर्णप्रिय भजनों की प्रतुति भी दी गई जिन पर भक्त श्रोताओं ने नृत्य किया। उन्होंने कहा कि माता पिता की सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। उन्होंने कहा कि माता पिता के चरणों में ही सारे तीर्थ है । रविवार को आयोजित कथा में पंचमनाथ जी महाराज बोदलासी, प्रवीण नाथ डूडवा धाम, गणेश नाथ जी महाराज मुकुन्दगढ़, विकास नाथ जी फतेहपुर, रूद्र नाथ जी महाराज भावनदेसर, महेश नाथ जी महाराज फतेहपुर, स्मृति नाथ जी महाराज लक्ष्मणगढ़, चेतन नाथ महाराज मुकुन्दगढ़, रामरूप शरण दास जी महाराज भूमा बड़ा, पुष्पेन्द्र जी शुक्लाजी, निश्चल नाथ महाराज चुवास धाम, अशोक दास जी बड़ा मन्दिर महन्त, मनमोहना नाथ जी महाराज लक्ष्मणगढ़, परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष अशोक चूड़ीवाला सचिव संदीप तोदी, सुरेंद्र शर्मा, राजेंद्र सांगानेरिया विमल जसरासरीया, सुरेन्द्र चमड़ियां , लक्षमनगढ अध्यक्ष विष्णु भूत, संरक्षक राजकुमार पारीक, सचिव निशांत गोयनका , प्रवीण वर्मा, विजय जालान, अनिल मुरारका, लक्ष्मीकांत चूड़ीवाला, संदीप बजाज, विनिता पुजारी,सोनू सोमानी, गीता जोशी, निशा तोलानी, वर्षा भूत,सुनिल बूबना, शशिकांत पुजारी, सचिन झांकल, अनिल सोमानी,अनिल मिश्रा, सुशील जाजोदिया, नटवर झांकल, रामनिवास शर्मा, एडवोकेट नटवर जोशी, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद थे।
