भीम प्रज्ञा न्यूज़.बुहाना।
भारतीय सेना की 514 एडी रेजीमेंट, बबीना में पदस्थापित सूबेदार अशोक कुमार मान का 25 दिसंबर 2025 को सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया। वे झुंझुनूं जिले की बुहाना तहसील के भिर्र गांव के निवासी थे। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सूबेदार अशोक कुमार मान का अंतिम संस्कार 26 दिसंबर 2025 को उनके पैतृक गांव भिर्र में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को देखकर हर आंख नम हो गई। इस अवसर पर गांव से लेकर आसपास के क्षेत्र तक भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिन्द के नारों से वातावरण गूंज उठा।
*हरियाणा बॉर्डर से निकली तिरंगा यात्रा*
सुबेदार अशोक कुमार मान की अंतिम यात्रा हरियाणा बॉर्डर से प्रारंभ होकर पचेरी बाजार होते हुए भिर्र गांव पहुंची। तिरंगा यात्रा में सैकड़ों वाहनों का काफिला शामिल रहा, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, ग्रामीण और पूर्व सैनिक मौजूद थे। रास्ते में स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर कतारबद्ध होकर भारत माता की जय और “अशोक कुमार मान ज़िंदाबाद” के नारों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।
*कैसे हुआ हादसा*
सेवानिवृत फौजी बड़े भाई संजय ने बताया कि सूबेदार मान 22 दिन के वार्षिक अवकाश पर थे और अपने जन्मदिन के अवसर पर कार से पैतृक गांव लौट रहे थे। 25 दिसंबर की सुबह करीब 6:30 बजे राजस्थान के दौसा जिले के मेहंदीपुर क्षेत्र में उन्होंने कार रोककर नित्यकर्म के लिए सड़क किनारे उतरे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार से पूर्व ही उनकी मृत्यु हो गई।
*खेलों में भी रहे उत्कृष्ट*
सेवानिवृत्त फौजी बड़े भाई संजय मान ने बताया कि अशोक कुमार मान खेल प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे और सेना की ओर से विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई पुरस्कार जीते थे।
*सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई*
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी चिड़ावा कर्नल सुरेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर गांव भिर्र लाया गया, जहां सेना की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। 514 एडी रेजीमेंट, बबीना से मेजर पारस के नेतृत्व में आई सैन्य टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। शहीद सैनिक के बड़े पुत्र मोहित मान (22 वर्ष) ने उन्हें मुखाग्नि दी।
*सेवा जीवन और पारिवारिक परिचय*
सूबेदार अशोक कुमार मान का जन्म 25 दिसंबर 1980 को हुआ था। वे वर्ष 1998 में भारतीय सेना में भर्ती हुए और लगभग 27 वर्षों तक देश की सेवा की। उनके पिता कैप्टन मालसिंह भी सेना में सेवाएं दे चुके थे, जिनका पहले ही निधन हो चुका है। उनकी शादी 20 मार्च 1998 को बड़ागांव के पास सीथल निवासी अनीता के साथ हुई थी। विवाह से पूर्व ही वर्ष 1998 में वे सेना में भर्ती हो गए थे। परिवार में उनकी पत्नी अनीता (गृहणी), बड़ा पुत्र मोहित मान (इंजीनियर) और छोटा पुत्र अंकित कुमार (बीटेक) हैं।
*जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि*
अंतिम संस्कार में भाजपा की पूर्व सांसद संतोष अहलावत, विकास भालोठिया, पूर्व उपप्रधान राजपाल सिंह तंवर, भाजपा नेता भरत बोहरा, बुहाना चेयरमैन दशरथ सिंह तंवर, भिर्र सरपंच शिशराम मान, बुहाना पूर्व सरपंच रामवतार जांगिड़, सहीराम तूंदवाल, उम्मेद सिंह श्योराण, धर्मवीर साहब, सुबेदार जयकिरण ढाणी, अरविंद मान, संजय मान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और पूर्व सैनिक उपस्थित रहें। सभी ने दिवंगत सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सूबेदार अशोक कुमार मान का यूं असमय जाना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे झुंझुनूं जिले के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन देशसेवा, अनुशासन और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहेगा।
