भीम प्रज्ञा न्यूज़.सीकर। खाटू श्यामजी के वार्ड नंबर 18 में लगभग 25 वर्षों से निवास कर रहे घुमंतु समाज ने आज प्रशासन द्वारा की जा रही कच्ची बस्ती हटाने की कार्रवाई के विरोध में जिला कलेक्टर सीकर को ज्ञापन सौंपा। समाज ने बिना वैकल्पिक भूमि दिए बस्ती हटाने की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है, इसे हाई कोर्ट के आदेशों का सीधा उल्लंघन बताया है। समाज ने जोर देकर कहा कि उनके पास राशन कार्ड, वोटर आईडी, आधार कार्ड, बिजली एवं पानी के कनेक्शन सहित सभी सरकारी दस्तावेज इसी पते पर जारी हैं, जो उनके स्थायी निवास का स्पष्ट प्रमाण हैं। ज्ञापन में राजस्थान हाई कोर्ट के दिनांक 09-09-2020 के महत्वपूर्ण आदेश का जिक्र किया गया। इस आदेश में कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी व्यक्ति या बस्ती को हटाने से पहले उसे वैकल्पिक भूमि/आवास उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए किसी को बेघर नहीं किया जा सकता। घुमंतु समाज का कहना है कि प्रशासन वर्तमान कार्रवाई करके इस आदेश के विपरीत जा रहा है।
घुमंतु समाज की प्रमुख मांगें
घुमंतु समाज के लोगों ने कलेक्टर से तत्काल मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांगे रखीं कि कच्ची बस्ती हटाने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। बिना वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराए किसी भी परिवार को बेघर न किया जाए। हाई कोर्ट के 2020 के आदेश का पूर्ण रूप से पालन किया जाए। सभी प्रभावित परिवारों की स्थिति की जाँच कर उन्हें विकल्प दिया जाए।
घुमंतू समाज के लोगों ने कहा, “हम 25 साल से यहाँ रह रहे हैं। सभी सरकारी दस्तावेज इसी पते पर हैं। हाई कोर्ट का आदेश भी है कि बिना वैकल्पिक भूमि दिए किसी को बेघर नहीं किया जा सकता। प्रशासन तुरंत कार्रवाई रोके और हमें रहने की जगह उपलब्ध कराए। इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक का. पेमाराम, SFI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़, युवा बंजारा सेना प्रदेश अध्यक्ष एवं समाजसेवी ईशवर बंजारा, रामू बंजारा, रामरतन बागड़िया, रामचंद्र दुगोली, सरवण बंजारा, रंगलाल बंजारा और बड़ी संख्या में घुमंतु समाज के लोग मौजूद रहें।
