भीम प्रज्ञा न्यूज़.मंडावर। मंडावर उपखंड क्षेत्र में सिविल न्यायालय की वर्षों से लंबित मांग एक बार फिर मजबूती से उठी है। मंगलवार को अभिभाषक संघ महवा, जिला दौसा से जुड़े अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी मंडावर को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि मंडावर उपखंड बने करीब पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद मंडावर में सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय स्थापित न होना ग्रामीण अंचल के साथ न्यायिक उपेक्षा का प्रतीक है। ज्ञापन के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता भुवनेश त्रिवेदी और शिवदत्त जैमिनी एडवोकेट ने बताया कि मंडावर उपखंड के अंतर्गत आने वाली मंडावर और बैजूपांडा दोनों तहसीलों के मामलों की सुनवाई वर्तमान में महवा और बांदीकुई न्यायालयों में हो रही है। इससे आम नागरिकों, किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय के लिए करीब 50 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। यह स्थिति न केवल समय और धन की अतिरिक्त मार डालती है, बल्कि न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया को भी कठिन और बोझिल बना देती है। अधिवक्ताओं ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त सस्ता, शीघ्र और सुलभ न्याय मंडावर क्षेत्र के लोगों के लिए आज भी व्यवहार में साकार नहीं हो पाया है।
अधिवक्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि मंडावर उपखंड का क्षेत्रफल, जनसंख्या और वादों की संख्या सिविल न्यायालय की स्थापना के सभी मानकों को पूरा करती है। यदि यहां सिविल न्यायाधीश का न्यायालय खोला जाता है तो हजारों वादकारियों को सीधी राहत मिलेगी, न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और महवा व बांदीकुई न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को भी संतुलित किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र में कानून के प्रति भरोसा मजबूत होगा और प्रशासनिक तथा न्यायिक ढांचा और अधिक प्रभावी बनेगा। इस अवसर पर शिवदत्त जैमिनी, खेमसिंह गुर्जर, रामवतार बैरवा, राहुल गुप्ता, प्रदीप चौधरी, मधुसूदन सैनी और भुवनेश मीणा सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

Yo! Heard p88casino is the place to be if you want some action. Good selection of games from what I hear. Let’s win some! Click here: p88casino