February 4, 2026

4 thoughts on “गौ सेवा या गौ के नाम पर कारोबार? — आस्था, अनुदान और आवारा सच

  1. बहुत ही शानदार आलेख।
    वर्तमान में गाय के नाम पर हो रही राजनीति और आम आवाम से गाय के नाम पर बटोरी जा रही सहानुभूति को बहुत ही शानदार ढंग से प्रस्तुत किया है। गाय सदियों से हमारे लिए पूजनीय रही है क्योंकि यह हमारी ग्रामीण आजीविका का केन्द्र रही हैं और सुपाच्य दूध उपलब्ध करवाने के कारण हमने इसे पारिवारिक सदस्य की तरह अपनाया है, लेकिन आज चतुर चालाक लोग बनावटी गोसेवी बनकर दान, अनुदान लेकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं और गाय से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है।

    दुली चन्द पंवार
    खाजूवाला बीकानेर राजस्थान

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