राजस्थान की लोक कला और बीकानेर की सांस्कृतिक पहचान को मिला राष्ट्रीय मंच
भीम प्रज्ञा न्यूज़ नई दिल्ली।
बीकानेर जिले के लिए सोमवार का दिन गर्व और उत्साह से भरा रहा, जब बीकानेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भारत सरकार के कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल अपनी धर्मपत्नी पाना देवी मेघवाल के साथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात के लिए पहुंचे।
इस मुलाकात को विशेष बनाने वाली बात यह रही कि पाना देवी मेघवाल ने प्रधानमंत्री को अपने हाथों से तैयार की गई राजस्थानी पारंपरिक मोतियों की बंदनवार स्मृति-भेंट के रूप में समर्पित की। यह बंदनवार सूक्ष्म कारीगरी, रंगीन मोतियों की कलात्मक सजावट और राजस्थान की समृद्ध लोक-संस्कृति का अनूठा प्रतीक है।
राजस्थान की कला-संपन्न परंपरा में घर की चौखट पर लगाई जाने वाली बंदनवार शुभता, मंगलकामना और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक मानी जाती है। पाना देवी द्वारा तैयार यह कलाकृति न केवल हस्तशिल्प की उत्कृष्टता दर्शाती है बल्कि बीकानेर की महिलाओं की मेहनत, रचनात्मकता और सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करती है।
भावना मेमोरियल ट्रस्ट, बीकानेर की प्रधान ट्रस्टी के रूप में पाना देवी वर्षों से पारंपरिक डिजाइनों को आधुनिक सौंदर्य के साथ जोड़कर उत्कृष्ट हस्तनिर्मित वस्तुएँ तैयार करती रही हैं। उनके द्वारा तैयार की गई इस बंदनवार की देश के प्रधानमंत्री तक पहुँच को बीकानेर और राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
मुलाकात के अवसर पर अर्जुन राम मेघवाल की सादगीपूर्ण छवि, जनसेवा के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक जुड़ाव एक बार फिर चर्चा का विषय बने। उनकी पुस्तक ‘एक सफर हमसफर के साथ’ में आज जैसे एक नया प्रेरणादायक अध्याय जुड़ गया हो।
बीकानेर जिले से लेकर पूरे राजस्थान में इस खबर से हर्ष की लहर है। लोगों का कहना है कि यह क्षण न केवल मेघवाल समाज बल्कि प्रदेश की कला-धरोहर और हस्तशिल्प कौशल के लिए भी गौरव का अवसर है।
स्थानीय संगठनों, समाज प्रतिनिधियों और सांस्कृतिक प्रेमियों ने दंपति को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि राजस्थान की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाना हम सभी के लिए गर्व की बात है।
