भीम प्रज्ञा न्यूज़ बुहाना।
पीएम श्री चमेली देवी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (इंग्लिश मीडियम), बुहाना में बुधवार को एक दिवसीय इवेंट मैनेजमेंट एवं करियर काउंसलिंग विषय पर प्रभावशाली शैक्षिक वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए करियर से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य बलवंत सिंह ने की। मुख्य वार्ताकार एडवोकेट हरेश पंवार ने विद्यार्थियों को इवेंट मैनेजमेंट और करियर काउंसलिंग के माध्यम से स्टार्टअप एवं एंटरप्रेन्योरशिप बिजनेस बिल्डअप के विभिन्न स्केल और संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी युग में इवेंट मैनेजमेंट केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त करियर विकल्प के रूप में उभर रहा है।
एडवोकेट पंवार ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और बताया कि यदि परंपरागत आयोजनों को वैज्ञानिक ढंग से इवेंट मैनेजमेंट के माध्यम से संपादित किया जाए तो कम समय और कम लागत में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विवाह-समारोह, पारिवारिक कार्यक्रमों से लेकर कॉरपोरेट एवं राजनीतिक आयोजनों तक इवेंट मैनेजमेंट की व्यापक संभावनाएं हैं, जिनमें युवाओं के लिए रोजगार और अच्छे पदों पर पहुंचने के अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि विद्यार्थी जीवन में ही इवेंट प्लानिंग और मैनेजमेंट से जुड़ी स्किल विकसित कर ली जाए, तो भविष्य में न केवल बेहतर नौकरी के अवसर मिलते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी प्रभावी भूमिका निभाई जा सकती है।
कार्यशाला की समन्वयक एवं उपप्रधानाचार्य मंजू टेलर ने बताया कि इस प्रकार की करियर ओरिएंटेड वार्ताओं से विद्यार्थियों में कौशल विकास के साथ-साथ समग्र सोच विकसित होती है। उन्होंने कहा कि मुख्य वक्ता के अनुभव और प्रस्तुतीकरण से विद्यार्थियों में विशेष उत्सुकता और जिज्ञासा देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट के माध्यम से स्क्रीन डिस्प्ले पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के इवेंट प्लानिंग प्रोजेक्ट्स के डेमो भी दिखाए गए, जिससे उन्हें व्यवहारिक समझ विकसित करने में मदद मिली।
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई और विद्यार्थियों के उत्साह एवं जिज्ञासा को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम अंत में विद्यार्थियों ने ऐसे ज्ञानवर्धक सत्रों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
