पेट्रोल-डीजल महंगाई के विरोध में बहुजन मुक्ति पार्टी का ‘दे धक्का आंदोलन’, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और ऊर्जा कीमतों को लेकर जताया विरोध, 15 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग
भीम प्रज्ञा नेटवर्क | झुंझुनूं।
देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगाई, बेरोजगारी तथा बिजली और रसोई गैस की बढ़ती लागत के विरोध में बहुजन मुक्ति पार्टी ने रविवार को राष्ट्रव्यापी ‘दे धक्का आंदोलन’ के तहत राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया। झुंझुनूं में यह अभियान पार्टी के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया, जिसमें राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ज्ञापन भेजा गया।
जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि बहुजन मुक्ति पार्टी द्वारा केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में देशभर के 625 जिलों में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में झुंझुनूं जिले से भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर आमजन से जुड़े मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का जीवन कठिन बना दिया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन, कृषि, व्यापार और दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है। वहीं घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों ने परिवारों के बजट को प्रभावित किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बेरोजगारी और महंगाई के दोहरे दबाव से आम नागरिक आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों पर भी उठाए सवाल
ज्ञापन में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। पार्टी नेताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटरों के माध्यम से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों की परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से बिजली, ईंधन और आवश्यक सेवाओं की दरों में राहत देने की मांग की।
राजस्थान संपर्क पोर्टल से भेजा गया ज्ञापन
पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन एवं ज्ञापन कार्यक्रम की सूचना पूर्व में ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को ई-मेल के माध्यम से भेज दी गई थी। जिला कलक्टर कार्यालय में संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण ज्ञापन को राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रेषित किया गया।
आमजन के हितों को प्राथमिकता देने की मांग

प्रदेश महासचिव ओमप्रकाश सेवदा ने कहा कि भारत मुक्ति मोर्चा राजस्थान भी इस आंदोलन का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि सरकार को विकास और आर्थिक प्रगति के साथ-साथ आम नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान आर्थिक नीतियों का लाभ सीमित वर्ग तक पहुंच रहा है, जबकि आम जनता बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे शामिल
आंदोलन और ज्ञापन अभियान में एडवोकेट रतनलाल, किरण, राजवीर सिंह, विकास काला, अवध, सुभाष चंद्र, विनोद, सुरेश कुमार, प्रवीण, सुशीला देवी, सुमित्रा देवी, नेहा, सरिता, पतासी देवी, संजू मीणा, बनारसी देवी, जगपाल सिंह, विष्णु कुमार, रितेश कुमार, शिवकुमार, लक्ष्य, अंकित, आदित्य, सम्राट, सूरज कुमार, भवानी सिंह, महेंद्र, रोहिताश कुमार, महावीर प्रसाद, ओमप्रकाश, संदीप कुमार, कमलेश काला सहित अनेक कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।
जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा
बहुजन मुक्ति पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि महंगाई, बेरोजगारी और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आमजन की आवाज उठाना पार्टी की प्राथमिकता है और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
