जातिसूचक टिप्पणी और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी से बढ़ा आक्रोश, मलसीसर थाने में मामला दर्ज
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप, समाज के लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
भीम प्रज्ञा न्यूज़ | झुंझुनूं, 31 मई
जिले के मलसीसर थाना क्षेत्र के बासड़ी गांव में सोशल मीडिया पर कथित जातिसूचक टिप्पणी एवं समाज की महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा के प्रयोग को लेकर मामला गरमा गया है। घटना को लेकर समाज के लोगों में रोष व्याप्त है तथा दोषी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बासड़ी निवासी निवास कुमार मेघवाल ने मलसीसर थाने में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर आरोप लगाया है कि राजकुमार नूनिया नामक व्यक्ति ने एक सार्वजनिक सोशल मीडिया समूह में अनुसूचित जाति समाज के प्रति अपमानजनक एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी द्वारा निजी संदेशों के माध्यम से आपत्तिजनक एवं धमकीपूर्ण टिप्पणियां भी की गईं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी की टिप्पणियों से न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि पूरे समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन को स्क्रीनशॉट, चैट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है।
मामले में विशेष रूप से समाज की महिलाओं के संबंध में की गई कथित अभद्र टिप्पणियों को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि महिलाओं के सम्मान पर आघात करने वाली ऐसी टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाती हैं।
पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले का संज्ञान लिया है तथा प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सामाजिक चिंतक प्रोफेसर जयलाल सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का माध्यम है, लेकिन इसका उपयोग किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय को अपमानित करने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
घटना के बाद क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले मामलों में कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सोशल मीडिया पर कथित जातिसूचक एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में समाज के लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
