जयपुर अव्वल, सीकर चौथे स्थान पर; एक माह में सर्वाधिक सब्सिडी और निरीक्षण
भीम प्रज्ञा न्यूज.श्रीमाधोपुर।
प्रदूषण रहित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत राजस्थान में मई माह के दौरान रिकॉर्ड 26,632 रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए। फरवरी 2024 में योजना शुरू होने के बाद किसी एक माह में यह सर्वाधिक इंस्टॉलेशन है। बिजली बिल में बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। डिस्कॉमवार आंकड़ों में जोधपुर डिस्कॉम सबसे आगे रहा, जहां 9,316 उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगाए। इसके बाद जयपुर डिस्कॉम में 9,204 तथा अजमेर डिस्कॉम में 8,112 उपभोक्ताओं ने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर ऊर्जा सुरक्षा की ओर कदम बढ़ाए हैं। जिलों की बात करें तो जयपुर 5,484 इंस्टॉलेशन के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद श्रीगंगानगर में 3,264, हनुमानगढ़ में 2,084, सीकर में 1,606 तथा झुंझुनूं में 1,534 रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए। योजना को गति देने के लिए मई माह में डिस्कॉम कार्मिकों ने 27,700 से अधिक आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया, जो किसी भी माह में सर्वाधिक हैं। इसी अवधि में रिकॉर्ड 31,437 उपभोक्ताओं को सब्सिडी राशि भी जारी की गई। साथ ही 177 नए वेंडरों को योजना से जोड़ा गया। प्रदेश में अब तक इस योजना के तहत करीब 830 मेगावाट क्षमता के लगभग 2.17 लाख रूफ टॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। लाभार्थियों के खातों में केंद्र सरकार की ओर से लगभग 1,460 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी हस्तांतरित की जा चुकी है।
बची हुई बिजली सरकार को बेचें
रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने पर सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना की सबसे खूबसूरत बात यह है कि उपभोक्ता अब केवल कंज्यूमर नहीं बल्कि प्रोड्यूसर बन गए हैं। घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद जो बिजली बच जाएगी, उसे उपभोक्ता ग्रिड को बेच सकते है। बची हुई बिजली का भुगतान सीधे उपभोक्ता को किया जाता है। सोलर एनर्जी पर्यावरण के लिए भी वरदान साबित हो रही है।
– नीरू हलवाई, श्रीमाधोपुर
