भीम प्रज्ञा न्यूज.खेतड़ी। खेतड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोठड़ा के वार्ड संख्या 5 स्थित रामदेव मोहल्ला में पिछले एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति बंद रहने से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। पेयजल संकट से जूझ रही सैकड़ों महिलाओं ने शहीद स्मारक के पास नेशनल हाईवे-311 पर जाम लगाकर प्रशासन और जलदाय विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि पिछले एक सप्ताह से मोहल्ले में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। घरों में दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और भीषण गर्मी के बीच स्थिति और भी गंभीर हो गई है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
महिलाओं ने हाईवे पर बैठकर नारेबाजी की और जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की। अचानक हाईवे जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।जाम की सूचना मिलते ही खेतड़ीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की। इसी दौरान सरपंच प्रतिनिधि हरिराम गुर्जर भी मौके पर पहुंचे और महिलाओं से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं।
बाद में जलदाय विभाग के एईएन दौलतराम एवं श्रद्धा धवन भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पेयजल आपूर्ति बाधित होने के कारणों की जांच कर जल्द ही नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिलाओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और करीब एक घंटे बाद हाईवे से जाम हटा लिया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था पुनः सामान्य हो सकी।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पेयजल आपूर्ति नियमित नहीं की गई तो वे दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में क्षेत्र को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को मूलभूत सुविधा के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष न करना पड़े।


