सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप, प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज
भीम प्रज्ञा न्यूज़ महेंद्रगढ़।
डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक समिति (रजिस्टर्ड) ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में आरोपियों को पुलिस बेल पर छोड़े जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है। समिति के पूर्व प्रधान एवं वर्तमान प्रधान अमन देवी के पति सुंदरलाल जोरसिया ने इस कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना बताते हुए कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के हितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 18A के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद आरोपियों को पुलिस बेल पर छोड़ा जाना गंभीर चिंता का विषय है। इससे समाज में असंतोष और आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
दो मामलों को लेकर उठाए गंभीर सवाल
जानकारी के अनुसार, मुकदमा संख्या 7, दिनांक 20 जनवरी 2026, थाना कनीना तथा मुकदमा संख्या 20, दिनांक 6 फरवरी 2026, थाना अटेली में दर्ज मामलों में आरोपियों को डीएसपी कनीना एवं डीएसपी नारनौल मुख्यालय द्वारा पुलिस बेल पर छोड़े जाने का आरोप लगाया गया है। समिति का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के प्रावधानों और न्यायालय के आदेशों के विपरीत है।
बैठक बुलाने और उच्च स्तर पर शिकायत की तैयारी
सुंदरलाल जोरसिया ने बताया कि इस मुद्दे पर शीघ्र ही डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार, महेंद्रगढ़ में समाज की एक आवश्यक बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर पूरे मामले की शिकायत की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर समिति का प्रतिनिधिमंडल व्यक्तिगत रूप से भी मुलाकात करेगा।
कानून के सख्त पालन की मांग
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट का उद्देश्य पीड़ित वर्ग को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाना है, इसलिए इसके प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इस बैठक में भूप सिंह ढाणी फोगाट, मास्टर ताराचंद, हरि सिंह प्रधान, संतलाल खींची, सतीश नंबरदार, धन्नाराम (पूर्व सरपंच), माडूराम खींची सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
