मां बेटे का पार्थिव शरीर देखते ही हुई बेसुध, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
भीम प्रज्ञा न्यूज, खेतड़ी। बुहाना-पचेरी मार्ग पर मंगलवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल बीएसएफ जवान विनोद कुमार ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बुधवार को उनके पैतृक गांव जयसिंहपुरा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान की अंतिम विदाई के दौरान पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। हादसे में उनके दोनों बेटे भी घायल हुए हैं, जिनमें से एक का उपचार अस्पताल में जारी है।जानकारी के अनुसार जयसिंहपुरा निवासी बीएसएफ जवान विनोद कुमार (41) पुत्र कर्ण सिंह अपने दोनों पुत्रों देव और दक्ष के साथ बाइक पर पचेरी से बुहाना की ओर आ रहे थे। इसी दौरान शिवसिंहपुरा मोड़ के पास सामने से आ रही इक्को गाड़ी से उनकी आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर पचेरीकलां पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तथा घायलों को बुहाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को झुंझुनूं रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान बीएसएफ जवान विनोद कुमार ने दम तोड़ दिया। दोनों पुत्रों का उपचार जारी है। परिजनों ने बताया कि विनोद कुमार बीएसएफ में कार्यरत थे और वर्तमान में छत्तीसगढ़ में तैनात थे। दोनों बेटों की कोचिंग में अवकाश होने के कारण वह करीब 15 दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। वर्ष 2006 में उनका चयन बीएसएफ में हुआ था। उनके पिता कर्ण सिंह कृषि कार्य करते हैं।

मां का दर्द देख हर आंख हुई नम
जब जवान विनोद कुमार का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो उनकी मां सावित्री देवी अपने लाडले बेटे को देखते ही बेसुध हो गईं। बेटे के पार्थिव शरीर से लिपटकर वह फूट-फूटकर रोने लगीं। मां की करुण पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। हर कोई उन्हें संभालने का प्रयास करता रहा, लेकिन बेटे को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं हो पा रहा था

पत्नी मनीषा का रो-रोकर बुरा हाल
जवान की पत्नी मनीषा का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कुछ घंटे पहले तक हंसता-खेलता परिवार अचानक मातम में बदल गया। पति की असामयिक मौत से वह पूरी तरह टूट गईं। वह बार-बार यही कहती रहीं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर यह सब कैसे हो गया। एक ओर छोटे बेटे को गोद में लेकर पिता के अंतिम दर्शन करवाए जा रहे थे, वहीं बड़ा बेटा अस्पताल में भर्ती होकर जिंदगी की जंग लड़ रहा है। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा।

तिरंगा यात्रा के साथ दी गई अंतिम विदाई
जवान विनोद कुमार की अंतिम यात्रा से पहले युवाओं ने सूरजगढ़ मोड़ से उनके पैतृक गांव जयसिंहपुरा तक तिरंगा यात्रा निकाली। हाथों में तिरंगा लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा शामिल हुए। पूरे मार्ग में “भारत माता की जय” और “विनोद कुमार अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा।

बीएसएफ जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
अंतिम संस्कार के दौरान हिसार से पहुंची बीएसएफ की टुकड़ी ने जवान विनोद कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई के दौरान ग्रामीणों और परिजनों की आंखें नम हो गईं। इस अवसर पर इंस्पेक्टर राधेश्याम कुमावत, बुहाना सीआई बिमला बुडानिया, खेतड़ी बीसीएमओ डॉ. हरीश यादव, सत्यनारायण, छोटेलाल, रामसिंह मास्टर, श्रीराम मास्टर, विजय सिंह, रणधीर सिंह, कांस्टेबल सोमवीर लाम्बा, कांस्टेबल होशियार सिंह, कांस्टेबल सुशील, दीपक सहित बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

बीएसएफ जवान की असामयिक मौत से जयसिंहपुरा सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने दिवंगत जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
