शहीद स्मारक पर हवन-यज्ञ, पुष्पांजलि और पौधारोपण; वीरांगना, परिजन, पूर्व सैनिक व ग्रामीणों ने लिया राष्ट्रसेवा का संकल्प
भीम प्रज्ञा न्यूज.बुहाना। कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शेखावाटी के वीर सपूत ग्रेनेडियर शहीद राजकुमार यादव की 27वीं शहादत दिवस शनिवार को उनके पैतृक गांव इंद्रसर स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ से हुआ। इसके बाद शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए तथा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहने का संकल्प भी लिया।
ग्रेनेडियर राजकुमार यादव ने कारगिल युद्ध के दौरान द्रास सेक्टर में दुश्मनों का बहादुरी से मुकाबला करते हुए 2 जुलाई 1999 को मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। उनकी पार्थिव देह का 4 जुलाई 1999 को पैतृक गांव इंद्रसर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था। वे कारगिल युद्ध में शेखावाटी क्षेत्र के पहले शहीदों में शामिल हैं, जिनका बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। श्रद्धांजलि सभा में एडवोकेट हरेश पंवार ने कहा कि शहीद कभी मरते नहीं, बल्कि अपने साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति से हमेशा आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते हैं। शहीद राजकुमार यादव का बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम में शहीद की वीरांगना रेणु देवी, पुत्र आशीष कुमार, छोटे भाई एवं कारगिल शहीद राजकुमार स्मृति संस्थान के अध्यक्ष प्रताप सिंह, एडवोकेट हरेश पंवार, नरेंद्र स्वामी, केसर बरवड़, ओमवीर, कैलाश, विनोद उपसरपंच, महेंद्र शर्मा, पूर्ण सिंह, भूप सिंह, मोहन सिंह, महिपाल, बाबूलाल, सुरेंद्र, सुंदरलाल, विक्रम, शीशराम, उमेद सिंह, घीसाराम, रामकिशन पंडित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


