भीम प्रज्ञा न्यूज.झुंझुनूं।
झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र से सांसद बृजेन्द्र सिंह ओला ने नियम 377 के तहत झुंझुनूं जिले के इस्लामपुर गांव का नाम बदलने का मामला लोकसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी कर किसी भी गांव का नाम बदलना संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। सांसद ने सदन को अवगत कराया कि इस संबंध में राजस्थान सरकार ने जिला कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी गांव का नाम बदलना सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं होता, बल्कि इससे वहां के निवासियों की पहचान, राजस्व और सरकारी रिकॉर्ड सहित जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू प्रभावित होते हैं। इस प्रस्ताव को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं। ओला ने मांग की कि इस मामले में कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी वैधानिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन होना चाहिए। विशेष रूप से संबंधित ग्राम सभा के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर स्थानीय निवासियों की राय और सहमति ली जानी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए, कानूनी प्रावधानों, ग्राम सभा की अनुशंसा और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना इस्लामपुर का नाम किसी भी कीमत पर नहीं बदला जाना चाहिए।
