रजत विजय रंगा
भीम प्रज्ञा न्यूज.फतेहाबाद। साइबर अपराधियों द्वारा “एसआईआर (SIR)” के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाए जाने के मामलों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर (आईपीएस) ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से फर्जी कॉल, व्हाट्सएप, एसएमएस और सोशल मीडिया संदेशों से सतर्क रहने की अपील की है।एसपी ने बताया कि साइबर ठग स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, बैंक या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। वे बैंक खाता, आधार कार्ड या मोबाइल नंबर के कथित दुरुपयोग का हवाला देकर कार्रवाई का भय दिखाते हैं और केवाईसी अपडेट, खाते की सुरक्षा या जांच के नाम पर ओटीपी, बैंक खाते का विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, यूपीआई पिन और नेट बैंकिंग पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। कई मामलों में ठग स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाकर सीधे बैंक खाते से रकम निकाल लेते हैं।निकिता खट्टर ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी विभाग, जांच एजेंसी या बैंक कभी भी फोन, व्हाट्सएप या अन्य ऑनलाइन माध्यम से बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। यदि कोई व्यक्ति अधिकारी बनकर ऐसी जानकारी मांगता है तो उसे संदिग्ध मानें और उसकी सत्यता की जांच करें।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अज्ञात ऐप डाउनलोड न करें, धमकी या लालच में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की पुष्टि किए बिना उस पर कार्रवाई न करें।एसपी ने कहा कि साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने आमजन से अपने परिवार, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को भी साइबर अपराधियों के नए तरीकों के प्रति जागरूक करने की अपील की।
