7 दिन में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी, सीएचसी प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार
भीम प्रज्ञा न्यूज.बुहाना। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बुहाना की स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम के नाम तहसीलदार बाबूलाल जाट को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ का व्यवहार मरीजों और उनके परिजनों के प्रति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में आने वाले कई मरीजों को बिना पर्याप्त प्राथमिक उपचार दिए ही उच्च केंद्रों के लिए रेफर कर दिया जाता है। साथ ही मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है, जबकि सरकारी अस्पताल में आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि अस्पताल की कार्यप्रणाली में शीघ्र सुधार किया जाए तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. महेंद्र नेहरा ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में प्रत्येक मरीज का प्राथमिक उपचार किया जाता है और केवल गंभीर स्थिति होने पर ही मरीजों को झुंझुनूं रेफर किया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पताल भेजे जाने का आरोप गलत है। अस्पताल में उपलब्ध स्टाफ द्वारा नियमित रूप से सभी आवश्यक जांचें की जा रही हैं।
