बेटी को विदा करने में लगे रहे पिता, उचक्कों ने जेब पर कर दिया हाथ साफ; बैंक में जमा कराने लाए थे 1.30 लाख रुपए।
मनोज खंडेलवाल@भीम प्रज्ञा न्यूज.मंडावर। कहते हैं कि भीड़ में चोर का हाथ और लापरवाही का साथ, दोनों पल भर में भारी पड़ जाते हैं। मंडावर शहर स्थित बस स्टैंड पर सोमवार सुबह कुछ ऐसा ही हुआ, जब अपनी बेटी को ननिहाल भेजने आए एक शिक्षक की जेब से उचक्के 50 हजार रुपए की नकदी पार कर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
रायपुर निवासी शिक्षक रामहरि मीणा अपनी बेटी और बेटे के साथ बस स्टैंड पहुंचे थे। बेटी को गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए अलवर स्थित ननिहाल भेजा जा रहा था। पिता की नजर बेटी को सुरक्षित बस में बैठाने पर थी और इसी अवसर का फायदा उठाकर भीड़ में घुसे शातिर उचक्कों ने उनकी पैंट की जेब में रखी 50 हजार रुपए की नकदी की गड्डी पर हाथ साफ कर दिया। जब तक शिक्षक को घटना का अहसास हुआ, तब तक आरोपी भीड़ में ओझल हो चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और अलवर रोड पर बस को रुकवाकर यात्रियों तथा उनके सामान की तलाशी ली गई। करीब आधे घंटे तक चले तलाशी अभियान में महिला यात्रियों की भी जांच कराई गई, लेकिन चोरी गई नकदी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद बस को देरी से रवाना किया गया। शिक्षक ने बताया कि उनके पास कुल 1 लाख 30 हजार 500 रुपए थे, जिन्हें बैंक खाते में जमा कराने के लिए वह मंडावर आए थे।
पिछले सप्ताह बैंक ऑफ बड़ौदा में केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण राशि जमा नहीं हो सकी थी, इसलिए सोमवार को दोबारा बैंक पहुंचने से पहले यह घटना हो गई।घटना के बाद पुलिस ने बस स्टैंड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक कैमरे में तीन युवक संदिग्ध गतिविधियों के साथ दिखाई दिए हैं। पुलिस अब उनकी पहचान कर तलाश में जुटी हुई है। हालांकि देर शाम तक आरोपियों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने और फुटेज देखने के लिए उसे इधर-उधर भटकना पड़ा तथा रिपोर्ट भी अगले दिन दर्ज की गई।
