नोबल स्कूल में 12वीं विदाई समारोह, समाजसेवी दिव्यांग कुलदीप सेन उर्फ प्रधान जी का सम्मान
भीम प्रज्ञा न्यूज़.पचेरी।
नोबल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल देवलावास के परिसर में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विदाई पार्टी समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं दिव्यांग प्रेरणास्रोत कुलदीप सेन उर्फ प्रधान जी (ग्राम रायपुर) रहे, जिनका नोबल शिक्षण समूह प्रबंधन की ओर से सम्मान किया गया। समारोह में कुलदीप सेन का सम्मान विशेष चर्चा का विषय रहा। क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान बना चुके कुलदीप सेन आमजन की समस्याओं को लेकर लगातार सरकारी कार्यालयों के द्वार खटखटाते रहे हैं। उन्होंने “अकेला चलो” की नीति पर चलते हुए अनेक जनआंदोलनों का नेतृत्व किया तथा ग्रामीण क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण कच्चे रास्तों को पक्का करवाने में अहम भूमिका निभाई है।कार्यक्रम में नोबल शिक्षण समूह के डायरेक्टर इंजीनियर संदीप नेहरा ने बताया कि कुलदीप सेन ने पचेरी से भालोठ सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर लगभग दो वर्षों तक संघर्ष किया। उपखंड मुख्यालय से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर उन्होंने आमजन की पीड़ा को सरकार तक पहुंचाया। उनके निरंतर संघर्ष, गर्मी-सर्दी की परवाह किए बिना किए गए आंदोलनों और जमीनी सच्चाई को देखते हुए सरकार ने करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से पचेरी-भालोठ सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय ने क्षेत्रवासियों में यह विश्वास जगाया कि जनसमस्याएं उठाने से सरकार सुनती है, भले ही संघर्ष अकेले क्यों न करना पड़े।
इसी क्रम में कुलदीप सेन ने रायपुर अहीरान से सातोंर जाने वाली सड़क की दयनीय स्थिति को लेकर भी आवाज उठाई। उन्होंने बारिश के मौसम में स्कूली बच्चों को होने वाली परेशानी को लेकर शिक्षा मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दिव्या कुमारी की जनसुनवाई में भाग लेकर समस्या रखी। बच्चों के स्कूल न पहुंच पाने, रास्तों कीचड़युक्त होने और कपड़ों व चलने में कठिनाइयों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। इसके परिणामस्वरूप पिछले वर्ष के बजट में इस सड़क की घोषणा की गई, जिसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना गया।
डायरेक्टर इंजीनियर संदीप नेहरा ने कहा कि कुलदीप सेन का सम्मान इसलिए किया गया ताकि विद्यार्थियों को यह प्रेरणा मिले कि सत्य, साहस और दृढ़ संकल्प से जीत संभव है। एक दिव्यांग व्यक्ति द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को मनवाना छात्रों के लिए जीवंत उदाहरण है। विद्यालय प्रबंधन ने यह भी कहा कि किसी शैक्षणिक कार्यक्रम में ऐसे समाजसेवी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करना स्कूल की सकारात्मक सोच, सामाजिक सरोकार और मूल्यों को दर्शाता है। इससे विद्यार्थियों और आमजन में यह संदेश जाता है कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी सिखाती है। समारोह में शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की उपस्थिति रही और कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त प्राचार्य करण सिंह नेहरा, नोबल संस्थान की संरक्षक संतोष नेहरा, डिप्टी डायरेक्टर अशोक शर्मा, नोबल साइंस एकेडमी पचेरी के निदेशक डॉ. मानसिंह चौधरी, डायरेक्टर सुमन नेहरा, मैनेजिंग डायरेक्टर शुभम नेहरा, प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।विदाई समारोह के दौरान 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा 12वीं कक्षा के छात्रों को भावभीनी विदाई दी गई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय जीवन के बाद उच्च शिक्षा के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों में जाना होगा, ऐसे में नोबल संस्थान से प्राप्त संस्कार, विचार और अनुशासन को अपने साथ लेकर चलें।
उन्होंने कहा कि यह समय जीवन में दोबारा लौटकर नहीं आता, इसलिए विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का सदुपयोग करते हुए पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने करियर निर्माण में जुट जाना चाहिए।

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