सोहनलाल परिहार
भीम प्रज्ञा न्यूज.बीकानेर। राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार के ‘गिव अप अभियान’ के माध्यम से प्रदेश के 99 लाख वास्तविक जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ा, जबकि 27 लाख लोगों द्वारा ई-केवाईसी नहीं कराने पर अपात्र लाभार्थियों की छंटनी की गई। मंगलवार को कोलायत पंचायत समिति सभागार में आयोजित लाभार्थी सम्मेलन में उन्होंने पात्र लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा प्रमाण पत्र वितरित किए। मंत्री गोदारा ने कहा कि यह अभियान 1 नवंबर 2024 से शुरू किया गया था और इसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी की है। उन्होंने बताया कि कोलायत क्षेत्र के 18 हजार लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिला है और सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने खाद्य विभाग के चार प्रमुख निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि अब एनएफएसए लाभार्थियों को तीन माह का राशन एक साथ दिया जा रहा है। बिना ओटीपी और पासबुक एंट्री के रसोई गैस वितरण पर रोक लगाई गई है, जिससे प्रतिदिन करीब एक लाख गैस सिलेंडरों की बर्बादी रुकी है। राशन डीलरों को समय पर कमीशन दिया जा रहा है तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरू किए गए नए एनएफएसए पोर्टल के माध्यम से लगातार नए पात्र लोगों को जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधान जयवीर सिंह भाटी की मांग पर मंत्री गोदारा ने कोलायत सरोवर को जलीय वनस्पतियों से मुक्त कराने के लिए आवश्यक मशीन और बजट स्वीकृत कराने का भरोसा भी दिया। उन्होंने पूर्व सांसद स्वर्गीय महेंद्र सिंह भाटी के क्षेत्रीय विकास में योगदान को भी याद किया।
कोलायत आगमन पर खाद्य मंत्री का महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय से लेकर नाल, गजनेर, दरबारी, टेचरी फांटा और कोलायत कस्बे तक विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। समारोह में जालम सिंह भाटी, तेजाराम मेघवाल, भूप सिंह भाटी, कानाराम, शिवदान सिंह, सुंदरलाल कांटिया, मोहन डाल, धर्मवीर गिरी, इमी लाल, सियाराम सेन, चतराराम कांटिया, चैन सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, लाभार्थी और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन खियाराम सेन ने किया।
