विभिन्न संगठनों ने समाज सुधारक व क्रांतिकारी महात्मा ज्योतिबा फुले की धूमधाम से मनाई जयंती
भीम प्रज्ञा न्यूज़ नारनौल/
महान समाज सुधारक, लेखक, दार्शनिक, विचारक और समाज में व्याप्त कुरुतियों के निवारण में हमेशा संघर्षरत रहने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती का आयोजन सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के तत्वाधान में समिति के प्रधान चन्दन सिंह जालवान की अध्यक्षता में किया गया । बैठक आरम्भ करने से पूर्व जयंती समारोह में समिति सदस्यों ने महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए गए । जयंती समारोह का संचालन करते हुए समिति के महासचिव एवं कबीर सामाजिक उत्थान संस्था, दिल्ली के वाइस चेयरमैन बिरदी चंद गोठवाल ने कहा कि ज्योतिबा फुले ने जातिगत भेदभाव, छुआछूत, महिला शिक्षा और सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभाई।
प्रमुख सलाहकार लाला राम नाहर, गुरु रविदास सभा के पूर्व प्रधान हरि सिंह बड़कोदिया, परिवर्तनकारी साहित्य मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व प्राचार्य डॉ शिवताज सिंह, पूर्व चीफ मैनेजर मदनलाल डाडैया, साहित्यकार भूप सिंह भारती, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान डॉ ओमप्रकाश दायमा, मुख्य प्रवक्ता एवं हरियाणा प्रदेश चमार महासभा के प्रधान अनिल फांडन, कोषाध्यक्ष प्यारेलाल चवन आदि ने महात्मा फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र राज्य के सतारा के शोषित समाज में हुआ । महात्मा ज्योतिबा फुले एक प्रमुख सामाजिक सुधारक, शिक्षाविद और दार्शनिक थे, जिन्होंने 1848 में बालिकाओं के लिए प्रथम विद्यालय की स्थापना की ।
छूआछूत के उस दौर में इन्हें बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन वे अपने मिशन से पीछे नहीं हटे और महिलाओं व समस्त वंचित समाज के लिए शिक्षा की ज्योति जलाई । फुले ने सामाजिक कुरीतियों का निवारण करने के लिए बाल विवाह के प्रति समाज को शिक्षित और उन्मूलन करने, सती प्रथा के खिलाफ प्रचार करने व विधवा पुनर्विवाह के लिए पुरजोर वकालत की । महाराष्ट्र के सामाजिक सुधार आंदोलन का एक प्रमुख व्यक्तित्व उन्हें डॉ भीमराव अंबेडकर, अन्नाभाऊ साठे की पसंद के साथ शोषित जाति का प्रतीक माना जाता है ।
इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि सभा के सदस्य एवं समिति के उपाध्यक्ष राजेश चांवरिया, कोली समाज के प्रधान तोता राम, प्रधान जयपाल, सचिव सुमेर सिंह गोठवाल, खण्ड प्रधान किशनलाल, पूर्व प्रधान प्रभु दयाल, पूर्व अधीक्षक दयानंद सांवरिया, पूर्व प्राचार्य अमर सिंह निम्होरिया, पूर्व थानेदार हरि सिंह रेवाला, रामशरण रेवाला, रोहतास पूर्व थानेदार, रामचंद्र गोठवाल, बलबीरसिंह हुडीना, शेर सिंह महारानियां, कन्हैयालाल, सूबे सिंह गोठवाल, धर्मवीर कटारिया, प्रधान विक्रम मांडैया, जगदीश प्रसाद, अमरनाथ सिरोहा, राजेश कुमार, खण्ड प्रधान महावीर प्रसाद, उप प्रधान धर्मपाल, हरिराम सिरोहा, पूर्व डीजीएम महेंद्र खन्ना आदि अनेक लोग उपस्थित रहे ।
