आगामी 6 अक्टूबर को मास्टर नेकीराम की जयंती पर आयोजित होगा प्रदेश स्तरीय समारोह
भीम प्रज्ञा न्यूज.रेवाड़ी। प्रख्यात सांग सम्राट एवं लोककवि मास्टर नेकीराम की पुण्यतिथि पर बुधवार को गांव जैतड़ावास स्थित उनके स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व इंस्पेक्टर शिवलाल ने की। सांग सम्राट मास्टर नेकीराम साहित्य कला मंच और मास्टर नेकीराम युवा क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए समाजसेवी रमेश ठेकेदार ने कहा कि हरियाणवी सांग कला के विकास और उसके प्रचार-प्रसार में मास्टर नेकीराम और उनके परिवार का अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि 6 अक्टूबर 1915 को जैतड़ावास निवासी संगीताचार्य मास्टर मूलचंद और लाडो देवी के घर जन्मे मास्टर नेकीराम ने सांग कला को विरासत के रूप में ग्रहण किया। उन्होंने बाबा गरीबनाथ मंदिर, शामधा (अलवर) के तत्कालीन महंत बाबा गोपालनाथ महाराज को गुरु धारण कर सांग कला को बुलंदियों पर पहुंचाया। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी धर्मवीर बल्डोदिया और मास्टर जगदीशचंद्र नाथ ने कहा कि मास्टर नेकीराम अपने समय के श्रेष्ठ सांग सम्राट और लोककवि थे। इनके परिवार की तीन पीढ़ियों ने निरंतर 103 वर्षों तक हरियाणा की सांग परंपरा, लोक संस्कृति और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में सांग सम्राट मास्टर नेकीराम साहित्य कला मंच के कोषाध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह यादव और अन्य वक्ताओं ने एक स्वर में प्रदेश सरकार से मांग की कि सांग सम्राट मास्टर नेकीराम के नाम पर राज्य स्तरीय साहित्यिक पुरस्कार शुरू करने के साथ रेवाड़ी शहर के किसी प्रमुख चौक का नामकरण उनके नाम पर करने की मांग दोहराई। चौधरी भूपेंद्र सिंह यादव और सह सचिव भूप सिंह भारती ने बताया कि मास्टर नेकीराम की जयंती पर आगामी 6 अक्टूबर को प्रदेश स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें उनके साहित्य पर आधारित नई ग्रंथावली का विमोचन भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि मास्टर नेकीराम ने तीन दर्जन से अधिक हरियाणवी सांगों का सृजन किया और उनका 60 वर्षों तक मंचन किया। उन्होंने अपने सांगों के माध्यम से मंदिर, कुएं, बावड़ी, धर्मशाला, गौशाला, स्कूल और तालाबों सहित अनेक जनहित कार्यों में भी योगदान दिया। 10 जून 1996 को उनका निधन हो गया। वर्तमान में उनके परिवार की चौथी पीढ़ी भी सांग परंपरा को आगे बढ़ा रही है। मास्टर नेकीराम युवा क्लब की अध्यक्ष सुजाता सिंह ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर साहित्यकार आलोक भांडोरिया, सुरेंद्र कुमार भांडोरिया, रामनिवास, मास्टर जलसिंह, रुड़मल, बलबीर, सुरेश, श्योकरण, नरेंद्र भांडोरिया, मिस्त्री रवि खरखड़ी, मुखराम, डॉ. मनु भांडोरिया, डॉ. संजय, डॉ. मामराज, पंकज, रवि, छोटू, सरस्वती, प्रीति, मोनिका, दिव्या, नैना, अंश, हर्ष सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
