आर्थिक तंगी के बीच उम्मीद की किरण बना एफर्ट्स कार्यक्रम, चयनित विद्यार्थियों को 14 जून को मिलेगा लाभ
आर्थिक तंगी के बीच उम्मीद की किरण बना एफर्ट्स कार्यक्रम, चयनित विद्यार्थियों को 14 जून को मिलेगा लाभ
भीमप्रज्ञा न्यूज़ झुंझुनूं।
सामाजिक संस्था एफर्ट्स द्वारा अनुसूचित समाज के प्रतिभावान एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 52 बच्चों का स्कॉलरशिप हेतु चयन किया गया। यह चयन प्रक्रिया सोमवार को अंबेडकर भवन, झुंझुनूं में आयोजित बैठक के दौरान की गई, जिसमें कोर कमेटी सदस्यों ने विद्यार्थियों के आवेदन पत्रों की जांच कर उनके मूल दस्तावेजों एवं पारिवारिक आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन किया।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि झुंझुनूं जिले से कुल 105 विद्यार्थियों ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन आवेदन किया था, जिनमें से पात्रता के आधार पर 52 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। यह स्कॉलरशिप उन विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर है जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण 12वीं के बाद अपने सपनों को आगे नहीं बढ़ा पाते।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष आर्थिक सहायता
एफर्ट्स संस्था द्वारा चयनित विद्यार्थियों को नीट, आईआईटी, यूपीएससी, आरएएस, व्याख्याता, पटवारी, ग्रामसेवक, शिक्षक एवं पुलिस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
नीट, आईआईटी, यूपीएससी एवं आरएएस जैसी उच्च स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को 30-30 हजार रुपये, जबकि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को 15 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप दी जाएगी।
संस्था के अनुसार यह जिले की पहली ऐसी पहल है, जो अनुसूचित जाति के आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्कॉलरशिप उपलब्ध करवा रही है।
14 जून को होगा स्कॉलरशिप वितरण एवं सम्मान समारोह
संस्था द्वारा 14 जून रविवार को सुबह 9 बजे अंबेडकर भवन, झुंझुनूं में स्कॉलरशिप चेक वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर चयनित 52 विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ-साथ 36 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया जाएगा।
कोर कमेटी एवं समाजजनों की उपस्थिति
इस अवसर पर ओमप्रकाश भूरिया, मनेश्वर सिरोवा, डॉ. राकेश माहीच, महेश जसरापुर, डॉ. सुरेश शिला, मनोज नालवा, जितेंद्र गर्वा, सीताराम बास बुडाना, महेश दौलतपुरा, संदीप टंडन, अमरसिंह नारनौलिया, मदनलाल गुडेसर, सुनील गोठवाल सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि ऐसी पहलें समाज के वंचित वर्ग की प्रतिभाओं को न केवल मंच देती हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत आधार भी प्रदान करती हैं।
