कर्तव्य पथ पर अंतिम सफर : सेना के जांबाज हवलदार महेंद्र सिंह पंचतत्व में विलीन, मेहाड़ा जटूवास गांव में गूंजा ‘भारत माता की जय’
भीमप्रज्ञा न्यूज़ खेतड़ी।
देश सेवा में समर्पित भारतीय सेना के हवलदार महेंद्र सिंह (39) का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। शनिवार को दिल्ली स्थित आरआर अस्पताल में अंतिम सांस लेने के बाद रविवार को उनका पार्थिव शरीर जब पैतृक गांव मेहाड़ा जाटुवास पहुंचा, तो पूरा क्षेत्र शोक और गर्व की मिश्रित भावनाओं से भर उठा। गांव की गलियों में सन्नाटा था, लेकिन आंखों में अपने वीर सपूत के प्रति सम्मान और देशभक्ति की चमक साफ दिखाई दे रही थी।
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सेना सेवा का गौरवपूर्ण सफर
हवलदार महेंद्र सिंह पुत्र चेतराम सिंह वर्ष 2016 में भारतीय सेना की 12 जाट रेजीमेंट में भर्ती हुए थे और वर्तमान में मेरठ में तैनात थे। वे हाल ही में एक माह पूर्व छुट्टी पर अपने गांव आए थे और पुनः ड्यूटी जॉइन करने के बाद अचानक सीने में दर्द की शिकायत पर उन्हें सैन्य अस्पताल ले जाया गया। गंभीर स्थिति के चलते उन्हें दिल्ली रेफर किया गया, जहां चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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तिरंगे में लिपटा बेटा, गांव में उमड़ा जनसैलाब
जैसे ही हवलदार महेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। युवाओं ने रामपुरा स्टैंड से तिरंगा यात्रा निकालकर अपने वीर जवान को श्रद्धांजलि दी। हर गली, हर मोड़ पर ‘महेंद्र सिंह अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से वातावरण गूंज उठा।

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। अलवर से आई सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने वीर साथी को सलामी दी। इस दौरान माहौल इतना भावुक था कि कई लोग अपने आंसू रोक नहीं पाए।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हवलदार महेंद्र सिंह अपने पीछे पत्नी, तीन वर्षीय पुत्र आरव, पिता चेतराम सिंह (किसान) और बड़े भाई जितेंद्र सिंह को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है। गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए, लेकिन शोक की गहराई शब्दों से परे थी।
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गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सुरेश जांगिड़, कैप्टन केसर देव, पूर्व विधायक दाताराम गुर्जर, पूर्व प्रधान मदन लाल गुर्जर, प्रभू गुर्जर (राजोता), दयाराम गुर्जर, तहसीलदार सुनील कुमार मील, एएसआई पतराम, भोमाराम, सुशील घुमरिया, सुरेंद्र दायमा, सलमान खान, सत्येंद्र चौधरी, सत्यवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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एक सच्चा सपूत, जो हमेशा रहेगा अमर
ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने कहा कि महेंद्र सिंह जैसे वीर जवान केवल परिवार के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव होते हैं। उनका बलिदान और सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देती रहेगी।

