पवन कुमार शर्मा
भीम प्रज्ञा न्यूज.मंडावा। अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के अवसर पर नगर पालिका चौक स्थित महाजन पंचायत भवन परिसर में सोमवार को शतरंज दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में शतरंज के प्रति रुचि बढ़ाना तथा मानसिक, बौद्धिक और तार्किक क्षमता के विकास का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आनंद सोलंकी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में अरविंद पारीक उपस्थित रहें। विशिष्ट अतिथियों में मधु सुदन खेमाणी,ज्ञानप्रकाश गोयनका, मंडावा चेस क्लब के संरक्षक केशरदेव टेलर,अध्यक्ष बाबूलाल कुमावत,रमेश मिश्रा , बबीता कुमारी, संजय परिहार मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत पुष्पमालाएं पहनाकर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अरविंद पारीक ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि जीवन में सही निर्णय लेने की कला सिखाने वाला माध्यम है। आज के समय में बच्चों का खेलों से जुड़ना आवश्यक है। शतरंज बच्चों के मानसिक विकास, एकाग्रता, धैर्य और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आनंद सोलंकी ने कहा कि शतरंज ऐसा खेल है जो व्यक्ति को सोच-समझकर निर्णय लेने, रणनीति बनाने और कठिन परिस्थितियों का शांतिपूर्वक सामना करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल की बजाय शतरंज जैसे बौद्धिक खेलों की ओर प्रेरित करने का आह्वान किया। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शतरंज खेलने से बच्चों में स्मरण शक्ति, तार्किक सोच, आत्मविश्वास, धैर्य, अनुशासन और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होती है। यह खेल शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने शतरंज की विभिन्न बारीकियों को समझा तथा खेल के माध्यम से मानसिक विकास का संदेश ग्रहण किया। अंत में सभी अतिथियों ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अधिक से अधिक बच्चों को इस खेल से जोड़ने का आह्वान किया। आयोजन का समापन सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।
