भीम प्रज्ञा न्यूज.चिड़ावा। चिड़ावा की होनहार बेटी डॉ. सिमरन गढ़वाल ने चिकित्सा क्षेत्र में शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान AIIMS में सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के लिए चयन प्राप्त किया है। डॉ. सिमरन ने एमसीएच प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा में देशभर में 11वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मूल रूप से रूपपुरा (चुना का बास) तथा वर्तमान में आदर्श कॉलोनी चिड़ावा निवासी व्यवसायी मुकेश गढ़वाल की पुत्री डॉ. सिमरन की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। चिकित्सा क्षेत्र की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी सुपर-स्पेशियलिटी शाखाओं में चयन उनकी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रतिभा का परिचायक है। डॉ. सिमरन ने एमबीबीएस के बाद हिमाचल प्रदेश के डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज से जनरल सर्जरी में एमएस की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सुपर- स्पेशियलिटी प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में 11वीं रैंक हासिल की और एम्स में प्रवेश सुनिश्चित किया। डॉ. सिमरन का परिवार शिक्षा और विभिन्न प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपनी पहचान रखता है। उनके दादा शेर सिंह गढ़वाल सेवानिवृत्त शिक्षक, दादी कमला देवी सेवानिवृत्त व्याख्याता, नाना प्रकाशचंद्र नूनिया सेवानिवृत्त शिक्षक तथा नानी महादेवी हैं। उनकी माता सरोज देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई अमन गढ़वाल एवं भाभी आस्था देश की सर्वोच्च अदालत में अधिवक्ता हैं, जबकि छोटे भाई साहिल गढ़वाल आईआईटीयन हैं और वर्तमान में अमेरिका की प्रतिष्ठित ड्यूक फ्यूक्वा यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रहे हैं। डॉ. सिमरन की सफलता की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सामाजिक, शैक्षणिक और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया। लोगों का कहना है कि डॉ. सिमरन की सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
