मातृभूमि की सेवा करते-करते थम गई जवान की धड़कन, सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार को नम आंखों से दी अंतिम विदाई
श्रीनगर में 78वीं बटालियन में थे तैनात, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अंतिम संस्कार
देश सेवा को समर्पित जीवन ने युवाओं के लिए छोड़ी प्रेरणा की अमिट मिसाल
भीम प्रज्ञा न्यूज | पचेरी
झुंझुनूं जिले के पचेरी थाना क्षेत्र की निहालोठ की ढाणी सोमवार को उस समय शोक में डूब गई, जब देश की सुरक्षा में वर्षों तक अपना जीवन समर्पित करने वाले सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार का आकस्मिक निधन हो गया। मातृभूमि की रक्षा का संकल्प लेकर जीवन बिताने वाले इस जवान की अंतिम यात्रा में पूरे क्षेत्र की आंखें नम दिखाई दीं।
जानकारी के अनुसार सुरेश कुमार पुत्र थानाराम श्रीनगर में 78वीं बटालियन सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। वे 22 मई को अवकाश पर अपने पैतृक गांव आए थे। सोमवार को उन्हें पुनः ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें उपचार के लिए नारनौल ले गए, जहां से चिकित्सकों ने जयपुर रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश जयपुर पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनका निधन हो गया।
35 वर्षों तक निभाया राष्ट्र रक्षा का दायित्व
सुरेश कुमार वर्ष 1991 में सीआरपीएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए थे। अपनी निष्ठा, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता के बल पर उन्होंने सुरक्षा बलों में विशिष्ट पहचान बनाई। देश के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में सेवाएं देते हुए उन्होंने राष्ट्र सुरक्षा के प्रति अपना दायित्व पूरी ईमानदारी से निभाया।
परिवार के लिए सहारा, समाज के लिए प्रेरणा
सुरेश कुमार अपने परिवार के मजबूत आधार स्तंभ थे। उनकी पुत्री वर्षा एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। बड़ा पुत्र विकास लैब टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत है, जबकि छोटा पुत्र नीरज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ग्रामीणों ने बताया कि सुरेश कुमार न केवल एक कर्मठ जवान थे, बल्कि मिलनसार, सरल और समाजसेवी स्वभाव के व्यक्ति भी थे। गांव में हर व्यक्ति के सुख-दुख में सहभागी बनने वाले सुरेश कुमार का व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत था।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई

देश सेवा को समर्पित जीवन ने युवाओं के लिए छोड़ी प्रेरणा की अमिट मिसाल
गांव में पूरे राजकीय सम्मान और सैन्य परंपराओं के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। जयपुर से पहुंची सीआरपीएफ की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर राष्ट्र के इस सपूत को अंतिम सलामी दी। अंतिम विदाई के दौरान वातावरण “भारत माता की जय” और “अमर रहे” के नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर असिस्टेंट कमांडेंट सुरेश कुमार, इंस्पेक्टर दीपचंद खटाणा, पचेरी थाना प्रभारी बनवारीलाल यादव, गूंती सरपंच नीरज, राजकुमार, एडवोकेट भंवर सिंह, कर्मवीर, प्रदीप कुमार, विकास आल्हा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
युवाओं के लिए छोड़ गए संदेश
सुरेश कुमार का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी राष्ट्र सेवा के सर्वोच्च मूल्यों को जिया जा सकता है। उनका समर्पण, अनुशासन और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
फोटो कैप्शन :
निहालोठ की ढाणी में सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर देते सुरक्षा बल के जवान एवं अंतिम विदाई देते ग्रामीण।
