मनोज खंडेलवाल भीम प्रज्ञा न्यूज@.मंडावर।
शहर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और घर-घर से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगरपालिका को उपलब्ध कराए गए ई-कचरा संग्रहण वाहनों की वर्तमान स्थिति अब खुद व्यवस्था की हकीकत बयान करती नजर आ रही है। कभी शहर की गलियों में नियमित रूप से दौड़ने वाले ये वाहन आज या तो पूरी तरह बंद पड़े हैं या फिर देखरेख के अभाव में कबाड़ बनने की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थिति यह है कि नगरपालिका का एक ई-कचरा संग्रहण वाहन नगर पालिका परिसर में खड़ा होने के बजाय पाखर-द्वितीय क्षेत्र की पहाड़ी पर लंबे समय से लावारिस अवस्था में खड़ा है, जो अब बदहाली और क्षतिग्रस्त हालत का शिकार हो चुका है।करीब एक वर्ष पूर्व तक नगरपालिका प्रशासन द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण अभियान को युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा था। नए डिजाइन और आधुनिक सुविधाओं से लैस ई-वाहन शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर नियमित रूप से कचरा एकत्रित करते थे, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली थी और स्वच्छता अभियान को भी मजबूती मिली थी। लेकिन समय के साथ यह व्यवस्था अचानक ठप पड़ गई और आज हालात ऐसे हैं कि घर-घर कचरा संग्रहण का अभियान लंबे समय से बंद पड़ा है। इससे शहरवासियों को मजबूरन कचरा इधर-उधर फेंकना पड़ रहा है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। सबसे गंभीर सवाल उस ई-वाहन को लेकर उठ रहे हैं जो पाखर क्षेत्र की पहाड़ी पर उपेक्षित अवस्था में खड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आखिर किसके आदेश पर यह वाहन वहां खड़ा किया गया और फिर इसकी देखरेख क्यों नहीं की गई। वाहन की वर्तमान हालत देखकर साफ प्रतीत होता है कि लंबे समय से उसके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। सरकारी संपत्ति के इस प्रकार क्षतिग्रस्त होने और अनुपयोगी बनने की स्थिति ने नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
शहरवासियों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था के नाम पर हर माह लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर घर-घर कचरा संग्रहण जैसी मूलभूत सेवा बंद पड़ी है। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठ रहा है कि जब सरकार ने नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ये वाहन उपलब्ध कराए थे, तो उन्हें उपयोग में क्यों नहीं लिया जा रहा। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन वाहनों का संचालन और रखरखाव सुनिश्चित नहीं किया गया तो लाखों रुपए की सरकारी संपत्ति पूरी तरह नष्ट हो सकती है।
इनका कहना है…👇
पाखर क्षेत्र की पहाड़ी पर किसी कचरा संग्रहण ई-वाहन के जर्जर अवस्था में खड़े होने की जानकारी फिलहाल मुझे नहीं है। मामले की जानकारी लेकर जांच करवाई जाएगी। घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था ऊपर से बंद नहीं है और वर्तमान में शहर से कचरा उठाने के लिए कुछ ट्रैक्टर लगाए हुये हैं। यदि नगरपालिका के कचरा संग्रहण ईवाहन खराब या अनुपयोगी स्थिति में पाए जाते हैं तो उनकी मरम्मत कराकर पुनः संचालन में लाया जाएगा।
सुमेरसिंह मीना, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका मंडावर।
