रजत रंगा
भीम प्रज्ञा न्यूज.टोहाना। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) व भीम आर्मी लीगल विंग के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट चौधरी विजय कृष्ण रंगा ने जंतर-मंतर पर अनशन कारी व अपनी मांगों को लेकर कर प्रर्दशनकारीयों,छात्रों और महिलाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन कर रहे हमारे ही बेटे बेटीयां है इन पर लाठीचार्ज और सरकार का तानाशाही रवैया बेहद शर्मनाक व निंदनीय है।एडवोकेट चौधरी विजय कृष्ण रंगा ने कहा कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओ व नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के कारण लाखों प्रत्याशीयों की मेहनत प्रभावित हुई। उनका दावा है कि इस मामले से आहत होकर कई छात्र-छात्रों ने आत्मदाह कर लिया, लेकिन ना ही केन्द्रिय सरकार और न ही किसी परिक्षा करवाने वाली एजेंसी या संस्था ने जिम्मेदारी ली,आज तक किसी ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली। भीम आर्मी लीगल विंग प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट विजय कृष्ण रंगा ने कहा कि केन्द्र सरकार व हरियाणा प्रदेश सरकार हर, क्षैत्र में अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही हैं। बकोल प्रदेश प्रवक्ता केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक आधार पर अपने पद से स्वयं ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। रंगा ने कहा कि लंबे समय तक प्रत्याशी व छात्र छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठे रहें और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी कई दिनों तक अनशन पर रहे, लेकिन सरकार ने उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च निकालने से पहले प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया गया और अगले दिन छात्रों तथा महिलाओं पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि निहत्थे प्रतियोगी परीक्षाओ के प्रत्याशी और छात्राओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतंत्र के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाने का प्रयास किया तो उन्हें भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। प्रदेश प्रवक्ता रंगा ने कहा कि सरकार को अहंकार छोडकऱ युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए हर आंदोलन को बाहरी ताकतों से जोडऩे का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने महिला प्रतिनिधियों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। रंगा ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि घायल छात्र छात्राओं को मुआवजा देव सार्वजनिक रूप से देश के प्रर्दशनकारीयों से माफी मांग कर उनसे वार्तालाप संवाद करें जिससे उनकी समस्याओं का हल हो सकें।
