भीम प्रज्ञा न्यूज.नारनौल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समाज के वंचित और दिव्यांग बच्चों व नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिए आज न्यायिक अधिकारियों ने संतोष मेमोरियल दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र व जिला नेत्रहीन कन्या विद्यालय का निरीक्षण किया।अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षाली चौधरी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव नीलम कुमारी ने पहले संतोष मेमोरियल दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र पहुंच कर केंद्र प्रबंधक से चिकित्सा सुविधाओं, थेरेपी सेशंस और उनके रहने-खाने की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनके रहने खाने की व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हर उस नागरिक के साथ खड़ा है जिसे समाज की मुख्यधारा और न्याय की आवश्यकता है। इन विशेष बच्चों की देखभाल में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद मोहल्ला खड़खड़ी स्थित नेत्रहीन कन्या विद्यालय का दौरा कर वहां उनकी शिक्षा, ब्रेल लिपि की पुस्तकों की उपलब्धता और हॉस्टल की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने कहा कि रहने वाले बच्चों के कमरों में साफ-सफाई और सोशल डिस्टेंसिंग/सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। सभी बच्चों का समय-समय पर नियमित हेल्थ चेकअप सुनिश्चित किया जाए। यदि इन बच्चों को किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता या सरकारी योजनाओं के लाभ की आवश्यकता हो, तो तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नारनौल को सूचित करें।
