भीम प्रज्ञा न्यूज.गुढ़ागौड़जी। नीट पेपर लीक मामले से जुड़े छात्र प्रदीप मेघवाल की आत्महत्या के बाद रविवार शाम पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिवार की मौजूदगी में सीकर जिला कलेक्टर को फोन लगाकर प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाए। बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। फोन पर बातचीत के दौरान राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि नीट पेपर लीक और छात्र की आत्महत्या के कारण सीकर पूरे देश में चर्चा में है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से परिवार को सांत्वना देने तक की पहल नहीं हुई। उन्होंने जिला कलेक्टर से कहा कि “पूरे देश में सीकर बदनाम हो रहा है और आप परिवार से मिलने तक नहीं पहुंचे। अधिकारियों के अंदर संवेदनशीलता नहीं बची है।”
जिला कलेक्टर ने जवाब देते हुए कहा कि प्रशासन के अधिकारी लगातार परिवार के संपर्क में थे और पूरे मामले की जानकारी ली जा रही थी। इस पर गुढ़ा ने आरोप लगाया कि मौके पर एक पटवारी तक नहीं पहुंचा और परिवार को अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया गया। बातचीत के दौरान प्रदीप के पिता राजेश कुमार ने भी फोन पर आरोप लगाया कि अधिकारी सुनील जांगिड़ और राजेश बुड़ानिया ने उन्हें परेशान किया और जांच घर से शुरू करवाने की धमकी दी। इस पर जिला कलेक्टर ने मामले की जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।
गौरतलब है कि झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के कनिका की ढाणी बाड्या नाला निवासी 22 वर्षीय प्रदीप मेघवाल पिछले तीन वर्षों से सीकर में रहकर नीट यूजी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। परीक्षा के बाद पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबरों के चलते वह तनाव में रहने लगे थे। 15 मई को सीकर स्थित अपने किराए के कमरे में उन्होंने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। राजेंद्र गुढ़ा ने बातचीत के दौरान रीट पेपर लीक मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार कार्रवाई कर रही है, लेकिन अधिकारी स्तर पर संवेदनशीलता की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने जिला कलेक्टर से पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

