24.955 किलो गांजा बरामदगी मामले में अंतरराज्यीय सप्लायर की 10.60 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त
-नशा तस्करों को स्पष्ट संदेश : जेल के साथ-साथ अब अवैध कमाई पर भी कसेगा कानून का शिकंजा
-सदर टोहाना पुलिस की मजबूत जांच, तकनीकी साक्ष्यों एवं वित्तीय विश्लेषण के आधार पर भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी ने दिए संपत्ति जब्ती के आदेश
रजत विजय रंगा
भीम प्रज्ञा न्यूज.फतेहाबाद/टोहाना। पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर, आईपीएस के नेतृत्व में फतेहाबाद पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की गई है। फतेहाबाद पुलिस अब केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजने तक सीमित नहीं है, रणनीति पर कार्य करते हुए नशा तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ उनकी अवैध कमाई और अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त करवाने की प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में थाना सदर टोहाना पुलिस द्वारा दर्ज एक महत्वपूर्ण एनडीपीएस मामले में की गई गहन जांच, तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय पड़ताल के आधार पर भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (एनडीपीएस अधिनियम), कोलकाता ने ओडिशा निवासी अंतरराज्यीय गांजा सप्लायर नीलांचल सुनामुडी उर्फ सोनू के बैंक खाते में जमा 10 लाख 60 हजार 531 रुपये की राशि को अवैध मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित संपत्ति मानते हुए जब्त करने के आदेश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर 2025 को पुलिस ने गांव बलियावाला के पास नाकाबंदी के दौरान एक कार से 24 किलो 955 ग्राम गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच को केवल बरामदगी तक सीमित न रखते हुए पुलिस ने पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का कार्य किया। लगातार पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण, मोबाइल डेटा, बैंकिंग रिकॉर्ड और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जांच के माध्यम से पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
जांच में सामने आया कि ओडिशा के रायगड़ा निवासी नीलांचल सुनामुडी उर्फ सोनू हरियाणा में सक्रिय तस्करों को गांजे की सप्लाई करता था। पुलिस ने व्हाट्सएप चैट, यूपीआई ट्रांजेक्शन, बैंक खातों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद उसकी वित्तीय गतिविधियों की गहन जांच शुरू की गई। वित्तीय जांच के दौरान आरोपी के बैंक खाते में बड़ी मात्रा में संदिग्ध धनराशि जमा होने के तथ्य सामने आए। थाना सदर टोहाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत बैंक खाते को फ्रीज कर संपत्ति जब्ती की कार्रवाई के लिए मामला भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी को भेजा।
सुनवाई के दौरान आरोपी अपनी आय के वैध स्रोत संबंधी कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। वहीं पुलिस द्वारा प्रस्तुत बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल लेन-देन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सह-आरोपियों के बयान तथा आयकर विभाग से प्राप्त रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने पिछले छह वर्षों से कोई आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया था। उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने बैंक खाते में जमा राशि को मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित अवैध आय मानते हुए उसकी जब्ती के आदेश जारी कर दिए। यह कार्रवाई फतेहाबाद पुलिस की पेशेवर, वैज्ञानिक एवं परिणामोन्मुख जांच का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस मामले में पुलिस ने साबित किया है कि नशा तस्कर चाहे किसी भी राज्य में बैठकर अपना नेटवर्क संचालित करें, आधुनिक तकनीक, डिजिटल ट्रैकिंग और वित्तीय जांच के माध्यम से उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
फतेहाबाद पुलिस ने नशा तस्करों और अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं होगी, बल्कि अपराध से अर्जित हर अवैध संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त भी करवाया जाएगा। नशे के कारोबार से कमाया गया एक-एक रुपया कानून के दायरे में लाया जाएगा और अपराधियों की आर्थिक जड़ों पर प्रभावी प्रहार किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
