रमेश चन्द
भीम प्रज्ञा न्यूज.बहरोड़
क्षेत्र में हुई हल्की बारिश के बाद ही बहरोड़ नगर परिषद की तैयारियों की पोल खुल गई। कस्बे की मुख्य सड़कों, बाजार और गलियों में जगह-जगह जलभराव हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। नालों की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर भर गया और निचले इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। मुख्य बाजार, बस स्टैंड रोड और स्कूलों के सामने पानी भरने से दोपहिया-चारपहिया वाहन बंद हो गए और पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी। दुकानदारों ने बताया कि हर बार थोड़ी बारिश में ही यही हाल होता है, लेकिन परिषद की ओर से निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जाती। जलभराव के कारण नालों में जमा कचरा और गंदगी सड़कों पर बहकर आ गई। सड़कों पर फैली कीचड़ और गंदे पानी से टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। निचले इलाकों के घरों में पानी घुसने से लोगों का सामान भी खराब हो रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मानसून से पहले नालों की सफाई का दावा तो किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। साथ ही खुले में घूम रहे आवारा सांड और सड़कों पर पड़ी गंदगी की ओर भी परिषद का ध्यान नहीं है, जो बारिश में नालों को जाम कर देती है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून से पहले सभी नालों की मशीनों से सफाई कराकर जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था की जाए। शहर में जगह-जगह पंप लगाकर भरे पानी की निकासी तुरंत कराई जाए ताकि बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
