प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के राष्ट्रव्यापी विज़न को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता व तेजी के साथ काम करना होगा, ताकि जिले के प्रत्येक नागरिक तक विकास योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच सके। यह बात जिला परिषद के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने मंगलवार को परिषद कार्यालय के मीटिंग हॉल में आयोजित एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए किया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) निर्मल नागर की विशेष उपस्थिति में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में लंबित परियोजनाओं को समय पर शुरू करने और सरकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
बैठक की शुरुआत में पिछली बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट की बारीकी से समीक्षा की गई और उसे सर्वसम्मति से पुष्टि प्रदान की गई। इसके बाद, वर्ष 2025-26 के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाले अनटाइड फंड से कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति और वित्तीय अनुमोदन दिया गया। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की रूपरेखा पर भी मंथन हुआ, जिसके तहत 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत नई जिला विकास योजना तैयार करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) निर्मल नागर ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि जिन स्वीकृत विकास कार्यों को तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से अब तक शुरू नहीं किया गया है, उन्हें आगामी कुछ ही दिनों में हर हाल में शुरू किया जाए।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने वाले अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिला परिषद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में समयबद्धता, गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रमोद कुमार, जिला परिषद के उप प्रधान भीम सिंह, सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार, सिविल सलाहकार रोहित सहित सभी जिला पार्षद सदस्य और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहें।