भीम प्रज्ञा फोटो कैप्शन : बाबा खेतानाथ गौशाला में स्वर्गीय पिताजी की 26वीं पुण्यतिथि पर गौ-सेवा, हवन-पूजन एवं भंडारे का आयोजन करते पूर्व पार्षद बस्ती राम एवं उपस्थित श्रद्धालु।
बाबा खेतानाथ गौशाला में हवन-पूजन, गौ-सेवा और भंडारे का आयोजन; सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद
भीम प्रज्ञा न्यूज़ नीमराना@रमेश चंद्र।
उपखंड क्षेत्र के ग्राम बावड़ी निवासी एवं पूर्व पार्षद बस्ती राम ने अपने स्वर्गीय पिताजी की 26वीं पुण्यतिथि पर बाबा खेतानाथ गौशाला में गौ-सेवा कर समाज के सामने सेवा, संस्कार और श्रद्धा का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर गौशाला में धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
पुण्यतिथि के अवसर पर बस्ती राम ने गौ माता की सेवा के लिए 30 मन दलिया, तीन क्विंटल शक्कर तथा 11 हजार रुपये की नगद राशि गौशाला को भेंट की। इसके साथ ही गौशाला में मौजूद गौवंश को हरा चारा एवं गुड़ खिलाकर उनकी सेवा की तथा गौ-संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान पितृ शांति एवं लोककल्याण की कामना के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन संपन्न कराया गया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए बस्ती राम ने कहा कि उनके पिताजी ने जीवनभर सेवा, सदाचार और परोपकार के मूल्यों को अपनाया। उन्हीं आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने गौ-सेवा का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा भारतीय संस्कृति की महान परंपरा है और इससे समाज में संवेदनशीलता एवं करुणा का भाव विकसित होता है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से गौ-संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। हवन-पूजन के पश्चात विशाल भंडारे एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस अवसर पर नर्सिंग ऑफिसर सुरेंद्र, डॉ. योगेंद्र, रेशमी देवी, सुमन देवी, प्रमिला देवी, गुंजन, रितिका, शशि देवी, खजान, नरेंद्र सरपंच, लक्ष्मीकांत सेठ, पुरुषोत्तम शर्मा सहित आसपास के गांवों से आए पूर्व सरपंच रतनलाल, राम सिंह, प्रकाश, महावीर, सुभाष, वीरेंद्र, पप्पू एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बस्ती राम द्वारा किए गए इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पितरों की स्मृति में समाजोपयोगी कार्य करना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। गौशाला प्रबंधन ने भी दानदाता परिवार का आभार व्यक्त करते हुए उनके योगदान को गौ-संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
