जिले के टॉप 10 नशा तस्करों और टॉप 10 नशा प्रभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की होगी कड़ी निगरानी
भीम प्रज्ञा @ न्यूज.नारनौल। जिले को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। इसी गंभीर विषय को लेकर बुधवार को उपायुक्त अनुपमा अंजली ने लघु सचिवालय में नशा मुक्त भारत अभियान तथा एनकॉर्ड की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक दीपक भी मौजूद रहें। डीसी ने जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी नागरिक को बख्शा नहीं जाएगा और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार के विजन के अनुरूप जिले में नशे के खिलाफ एक व्यापक रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। इसमें न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता फैलाने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में पुलिस विभाग द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई अमल में लाई है।
मई महीने के दौरान ही एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कार्रवाई करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन द्वारा जिले के टॉप 10 नशा तस्करों और टॉप 10 नशा प्रभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त निगरानी और कार्रवाई की योजना को तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा इस सामाजिक अभिशाप को जड़ से खत्म करने के लिए बहुस्तरीय कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए जिला नशा मुक्ति केंद्रों को सुदृढ़ किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 3 नशा मुक्ति केंद्र संचालित हैं। उन्होंने बताया कि ड्रग्स के अवैध व्यापार को रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा मेडिकल स्टोरों की निरंतर चेकिंग की जा रही है। इसी कड़ी में 51 केमिस्ट दुकानों का निरीक्षण किया गया है और नियमों का उल्लंघन करने पर 6 केमिस्ट दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला के सभी केमिस्ट दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए और साथ ही उनमें 3 महीने तक की रिकॉर्डिंग रहनी चाहिए। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को और मजबूत करें तथा अवैध रूप से होने वाली भांग या अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट करने के लिए कृषि व राजस्व विभाग के साथ मिलकर काम करें।
