साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश पचरंगिया को श्रद्धांजलि, जयंती पर याद किए गए साहित्य और समाजसेवा के योगदान
वक्ताओं ने कहा— पचरंगिया का साहित्य और व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत
साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश पचरंगिया को श्रद्धांजलि, जयंती पर याद किए गए साहित्य और समाजसेवा के योगदान
भीम प्रज्ञा न्यूज़ | चिड़ावा@रजनीकांत मिश्रा
विश्व की पांच हजार विशिष्ट हस्तियों में स्थान प्राप्त कर चुके प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी महामहोपाध्याय डॉ. ओमप्रकाश पचरंगिया की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश पचरंगिया मार्ग स्थित पचरंगिया भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में साहित्य, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके अविस्मरणीय योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाणीभूषण पंडित प्रभुशरण तिवाड़ी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि केवलदास मंदिर के महंत जयराम स्वामी, विवेकानंद मित्र परिषद के संरक्षक रोहिताश्व महला, मनोज मान, महेश शर्मा धन्ना एवं शशिकांत तिवाड़ी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश पचरंगिया स्मृति संस्थान के संरक्षक प्रभुशरण तिवाड़ी ने कहा कि डॉ. पचरंगिया ने अपने साहित्यिक अवदान से हिंदी जगत को नई दिशा प्रदान की। उनकी चर्चित कृतियों में पत्नी पुराण, आशीर्वाद महाकाव्य, अनंत विजय, अर्चना के पुष्प, सिय संधान तथा स्वास्थ्य रक्षा जैसी महत्वपूर्ण रचनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. पचरंगिया द्वारा संपादित अनेक पुस्तकें बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम का हिस्सा रही हैं, जो उनके साहित्यिक कद का प्रमाण है।
महंत जयराम स्वामी ने कहा कि डॉ. पचरंगिया का सात्विक, सादगीपूर्ण और सेवा-समर्पित जीवन समाज के लिए प्रेरणादायक है। वहीं विवेकानंद मित्र परिषद के संरक्षक रोहिताश्व महला ने कहा कि पीड़ित और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए उनका समर्पण, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में उनकी सेवाएं तथा साहित्यिक योगदान सदैव स्मरणीय रहेंगे।
संस्थान के संरक्षक महेश आजाद ने कहा कि डॉ. पचरंगिया भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका साहित्य उन्हें सदैव अमर बनाए रखेगा। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को संस्कार, ज्ञान और जीवन मूल्यों की प्रेरणा देती रहेंगी।
इस अवसर पर विवेकानंद मित्र परिषद के संरक्षक संजय दाधीच, रमेश कोतवाल, कमलकांत पुजारी सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. पचरंगिया के जीवन दर्शन, साहित्य साधना और सामाजिक योगदान को याद किया तथा युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भाजपा युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष अशोक शर्मा, अनुज कुमार शर्मा, रामचंद्र शर्मा, बुधराम वर्मा, सौरभ चौरासिया, राजेंद्र प्रसाद सैनी, ऋषिकेश कुमावत सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

फोटो कैप्शन :
चिड़ावा स्थित पचरंगिया भवन में आयोजित जयंती एवं श्रद्धांजलि समारोह में डॉ. ओमप्रकाश पचरंगिया के साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान को याद करते हुए उपस्थित अतिथि एवं गणमान्यजन।
