अरुण मूंड
भीम प्रज्ञा न्यूज.झुंझुनूं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूज़डे विधिक साक्षरता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम’ के तहत जुलाई माह का पहला जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। ‘नशे को ना कहें और अपने सपनों को हां कहें’ विषय पर आयोजित इस अभियान के अंतर्गत चिड़ावा के तीन अलग-अलग विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, कानूनी अधिकारों और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। लोहिया स्कूल में तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गांजा, अफीम और अन्य मादक पदार्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य, भविष्य, परिवार और समाज के लिए घातक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा किसी भी प्रकार की परेशानी या दबाव की स्थिति में कानून की सहायता लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर करणी सिंह शेखावत, रीडर संदीप मीणा और होमगार्ड दलिप कुमार ने भी नशे के कारणों और उसकी रोकथाम के उपायों की जानकारी दी।
विद्यालय निदेशक रामसिंह नेहरा, अभय सिंह बडेसरा, सचिव प्रदीप नेहरा, चेयरपर्सन ममता नेहरा, प्रमिला झाझड़िया, पूरणमल गजराज सहित विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा। निदेशक जगपाल यादव ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि प्राचार्य प्रमोदिनी दुबे ने आभार व्यक्त किया। शिक्षक दीपक शर्मा ने विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज निर्माण की शपथ दिलाई। इसी क्रम में पीसीपी स्कूल में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मदनलाल बेदी ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर शिक्षा और अच्छे संस्कारों को अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मनोज, प्रदीप, अनिल सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। वहीं डालमिया स्कूल में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक यादव ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में कृष्ण दाधीच सहित विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा। तीनों विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया कि नशे से दूरी ही सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है, जबकि विधिक जागरूकता प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग बनाती है।
