सीएम विंडो पर शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान, दो किलोमीटर घूमकर घर पहुंचने को मजबूर ग्रामीण
भीम प्रज्ञा न्यूज रोहतक अशोक मेहरा। महम ब्लॉक के गांव भैणी चंद्रपाल के चौधराण पाना की एक गली पिछले दो वर्षों से स्थायी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। हालात ऐसे हैं कि गली अब तालाब का रूप ले चुकी है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। कई बार प्रशासन को शिकायत करने और सीएम विंडो पर गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीण दलशेर सिवाच, जगमीत कुमार, विक्रम सिंह, महिपाल सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पूर्व गली का निर्माण कराया गया था, लेकिन जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। परिणामस्वरूप पिछले दो वर्षों से गली में पानी जमा है और बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि गली में लगातार पानी भरा रहने के कारण उन्हें अपने घरों तक पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण गंदा पानी सड़ने लगा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पोर्टल (सीएम विंडो) पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन आज तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यदि मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो ऐसे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गली में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था तत्काल करवाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को विवश होंगे। एक ओर सरकार ग्रामीण विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं भैणी चंद्रपाल की यह गली प्रशासनिक लापरवाही और अधूरे विकास कार्यों की कहानी बयां कर रही है।
