भीम प्रज्ञा न्यूज.चिड़ावा। सनराइज क्लब के तत्वावधान में प्रो. अवतार शर्मा का ‘वास्तु आचार्य की प्रतिष्ठित उपाधि प्राप्त करने पर शाल, श्रीफल एवं माल्यार्पण के द्वारा भावभीना अभिनंदन किया गया। प्रो. शर्मा ने वास्तु, न्यूमरोलॉजी (अंक ज्योतिष) एवं एस्ट्रो वास्तु के गहन एवं गूढ अध्ययन के उपरांत यह प्रतिष्ठित उपाधि प्राप्त की है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन वैज्ञानिक विरासत का प्रतिष्ठा स्थापना का उत्सव है। समारोह को संबोधित करते हुए नव-दीक्षित वास्तु आचार्य प्रो. शर्मा ने मानव जीवन में पंचभूतों और दिशाओं के रहस्यमयी प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि आज के वैज्ञानिक युग में आधुनिक तकनीक के माध्यम से दिशाओं का सटीक निर्धारण संभव है। मॉडर्न वास्तु विज्ञान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बिना किसी तोड़-फोड़ के, केवल ऊर्जा के संतुलन मात्र से बड़े से बड़े वास्तु दोषों का निवारण किया जा सकता है। यह तकनीक आपके घर को बिना बदले, आपके भाग्य को बदलने की सामर्थ्य रखती है।अपने उद्बोदन में सह जिला संघ चालक संदीप जोशी ने कहा कि आज हर सजग नागरिक अपने घर को वास्तु सम्मत बनाना चाहता है। स्थानीय स्तर पर ऐसी उच्च योग्यता प्राप्त विशेषज्ञ की उपलब्धता हमारे पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। मूर्धन्य पत्रकार रजनीकांत मिश्रा ने एस्ट्रो वास्तु को वास्तु के क्षेत्र में अत्याधुनिक विद्या बताया। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारत के ज्ञान विरासत की दो महान विद्याओं एस्ट्रोलॉजी एवं वास्तु के अद्भुत समन्वय के कारण यह एक अति विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण विद्या बन गयी है। इससे व्यक्ति की निजी समस्याओ का समाधान भी सम्भव है। इस अवसर पर सुनील मालानी ने आशा व्यक्त की कि वास्तु न्युमेरोलोजी एवं एस्ट्रो-वास्तु के ज्ञान की यह त्रिवेणी संगम लोगों के जीवन से अंधकार को मिटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस गरिमामयी अवसर पर राकेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में अंक शास्त्र का उपयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है। लोग अपनी उन्नति के लिए मोबाइल नंबर, कार या मोटर साइकिल आदि के नम्बर के लिए अंक शास्त्र की मदद ले रहे हैं। विजेंद्र सैनी ने बताया कि पहले से बने हुए मकान में भी वास्तु से ऊर्जा का संतुलन करके वास्तु दोषों को दूर कर के जीवन में सुख समर्धि लायी जा सकती है समारोह में कमलेश सैनी सहित कई गणमान्य जनों ने प्रो शर्मा की इस उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
