जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरना पहले दिन भी जारी, प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचे

भीम प्रज्ञा न्यूज़.झुंझुनूं।
भोजनगर गांव की नाबालिग बालिका के अपहरण मामले में न्याय की मांग को लेकर पीड़िता की मां कमला देवी सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट झुंझुनूं के सामने दिन-रात की भूख हड़ताल पर बैठ गई।धरना-प्रदर्शन व भूख हड़ताल का यह पहला दिन रहा, लेकिन जिला प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पीड़ित परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा। कैलाश दास महाराज सारी धाम ने जानकारी देते हुए बताया कि भोजनगर गांव की नाबालिग बच्ची के अपहरण का नामजद मुकदमा पुलिस थाना गोठड़ा में दर्ज है, लेकिन लगभग 108 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि मजबूर होकर पीड़िता की मां कमला देवी को भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।

कमला देवी ने स्पष्ट किया है कि जब तक उसकी नाबालिग पुत्री का पता नहीं लगाया जाता, तब तक वह लगातार भूख हड़ताल पर बैठी रहेंगी। धरना-प्रदर्शन के दौरान झुंझुनूं जिले के कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पीड़ित परिवार को समर्थन देने पहुंचे। भीम आर्मी जिला अध्यक्ष विकास आल्हा ने पीड़ित परिवार को समर्थन देते हुए शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की। वहीं यूथ यूनियन राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश झाझड़िया ने भी प्रशासन से मामले में तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की।

धरना स्थल पर किशनलाल नायक, पितराम कालेर, मदन सिंह यादव, श्यामलाल कालेर, महेंद्र फौजी (आसपा नेता), धर्मपाल सिंह डारा, दारासिंह (पूर्व सरपंच), चिंटु कुमावत, रवि सीरसवा, कमलेश काला, सुनील सीरसवा, अजय वर्मा, नूवा भीम आर्मी अध्यक्ष मडावा, रामशरण कायल (परसरामपुरा), यश शर्मा, दिनेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहें। कैलाश दास महाराज सारी धाम ने बताया कि धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल मंगलवार को भी जारी रहेगी। उन्होंने झुंझुनूं जिले के सर्व समाज एवं सभी सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे मंगलवार सुबह 11 बजे जिला कलेक्ट्रेट झुंझुनूं पहुंचकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के इस आंदोलन में सहभागिता करें।