भीम प्रज्ञा न्यूज.बुहाना। आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर बुहाना नगरपालिका में चेयरमैन पद के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही स्थानीय राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है। इस बार बुहाना नगरपालिका के चेयरमैन का पद अनुसूचित जाति (SC) महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। आरक्षण की घोषणा के बाद लंबे समय से चेयरमैन पद की तैयारी कर रहे कई संभावित दावेदारों की उम्मीदों को झटका लगा है। वहीं अब राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं का पूरा फोकस SC वर्ग की महिला दावेदारों पर टिक गया है।
चेयरमैन पद के लिए पिछले काफी समय से कई नेता अपने-अपने स्तर पर राजनीतिक जमीन तैयार करने में जुटे थे। संभावित दावेदारों ने वार्डों में संपर्क बढ़ाने, सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रियता दिखाने और समर्थकों को लामबंद करने की कवायद शुरू कर रखी थी। आरक्षण की घोषणा के बाद ऐसे दावेदारों की तैयारियां फिलहाल प्रभावित हुई हैं। सामान्य, ओबीसी और अन्य वर्गों से चेयरमैन पद की दौड़ में शामिल माने जा रहे नेताओं के राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं।
आरक्षण बदलते ही बदले चुनावी समीकरण
चेयरमैन पद SC महिला के लिए आरक्षित होने के बाद अब नगरपालिका चुनाव में प्रत्याशियों के चयन से लेकर वार्ड स्तर के समीकरण तक नए सिरे से तय होंगे। राजनीतिक दलों के सामने भी अब ऐसे वार्डों को लेकर रणनीति बनाने की चुनौती होगी, जहां से SC वर्ग की महिला प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा जा सके। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संभावित महिला दावेदारों की सक्रियता बढ़ेगी और उनके समर्थक भी अपने स्तर पर राजनीतिक माहौल बनाने में जुटेंगे।
आरक्षण के चलते कई परिवारों और राजनीतिक समूहों के लिए भी चुनावी रणनीति बदलने की स्थिति बन गई है। जिन नेताओं ने चेयरमैन पद के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने की तैयारी की थी, अब वे अपने परिवार की महिला सदस्य या समर्थित SC महिला प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारने की संभावनाएं तलाश सकते हैं। ऐसे में चुनाव सीधे तौर पर कई नए चेहरों के बीच मुकाबले का रूप ले सकता है।
SC महिला दावेदारों पर रहेगी नजर
आरक्षण की घोषणा के बाद अब बुहाना में SC वर्ग की संभावित महिला दावेदारों के नामों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले नेता भी मजबूत प्रत्याशी की तलाश में जुटेंगे। प्रत्याशी के चयन में सामाजिक समीकरण, वार्ड की स्थिति, राजनीतिक पकड़ और स्थानीय जनसमर्थन जैसे कई पहलू महत्वपूर्ण रहेंगे।
हालांकि नगर निकाय चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया और प्रत्याशियों की घोषणा के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी, लेकिन आरक्षण तय होते ही बुहाना की चुनावी राजनीति में नई पटकथा तैयार होने लगी है। अब आने वाले दिनों में टिकट के दावेदारों की सक्रियता, बैठकों और जनसंपर्क अभियान पर सभी की नजर रहेगी। आरक्षण ने जहां कई पुराने दावेदारों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, वहीं SC वर्ग की महिलाओं के लिए चेयरमैन पद तक पहुंचने का नया राजनीतिक रास्ता खोल दिया है। अब देखना होगा कि बुहाना की जनता किस महिला प्रत्याशी पर अपना भरोसा जताती है और कौन चेयरमैन की कुर्सी तक पहुंचने में सफल रहता है।


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