भीम प्रज्ञा न्यूज़. चिड़ावा। पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट, चिड़ावा द्वारा शनिवार को गोद लिए गए मार्ग पर एक प्रभावशाली मुहिम का आगाज किया गया। इस अवसर पर अभियान से जुड़ा एक आकर्षक पोस्टर विमोचन किया गया तथा नागरिकों से दैनिक जीवन में पॉलीथिन का त्याग कर कपड़े के थैलों का उपयोग करने का पुरजोर आग्रह किया गया।

Watermark

इस अभियान की शुरुआत हिन्दी सुंदरकांड ग्रुप की महिलाओं के माध्यम से करवाई गई। ट्रस्ट के जिला प्रभारी राधेश्याम शर्मा 'सुखाड़िया' ने बताया कि ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से प्लास्टिक मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
​उन्होंने इस अनूठी शुरुआत के पीछे की सोच को स्पष्ट करते हुए कहा कि, "जब घर की महिला बाजार जाने वाले पुरुषों को सामान लाने के लिए कपड़े का थैला थमाएगी, तो समाज में प्लास्टिक का प्रयोग स्वतः ही धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा।" बदलाव की शुरुआत हमेशा घर और परिवार से ही होती है, इसलिए महिलाओं को इस मुहिम का मुख्य वाहक बनाया गया है।
कार्यक्रम के दौरान तहसील प्रभारी रजनीकांत मिश्रा ने उपस्थित सभी महिलाओं को ट्रस्ट का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके उपरांत सभी महिलाओं को कपड़े के थैले भेंट किए गए और उन्हें यह शपथ दिलाई गई कि वे भविष्य में बाजार से खरीदारी के समय हमेशा कपड़े के थैले का ही उपयोग करेंगी।
सुंदरकांड ग्रुप की ओर से संयोजिका सुधा जांगिड़, मंजू वर्मा, सोना चेतीवाल, नीलम सोनी, माया शर्मा, विजयलक्ष्मी, सुधा शर्मा, माया बसवाला, रंजू अग्रवाल, अनीता शर्मा, सुमन शर्मा, सुनीता मौजूद रहीं। 


प्लास्टिक पर्यावरण, जीव-जंतुओं और हमारी सेहत के लिए एक गंभीर खतरा है। आइए, लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट की इस मुहिम से जुड़ें, पॉलीथिन को ना कहें और हर खरीदारी के लिए कपड़े के थैले का उपयोग कर एक हरित और स्वच्छ भविष्य का निर्माण करें - *सुधा जांगिड़*

इस अवसर पर ट्रस्ट के कार्यकर्ता अशोक पुजारी, प्रवीण, मुकेश, रवि सोनी, सौम्य शर्मा, शक्ति सिंह सहित ट्रस्ट के तमाम सक्रिय सदस्य मौजूद रहे।