भीम प्रज्ञा न्यूज बिसाऊ। (अशोक सोनी)
शहर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल 132 फीट नीलकंठ महादेव मंदिर को जाने वाले चूरू सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति इन दिनों श्रद्धालुओं और आमजन के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर घरों से निकलने वाला गंदा पानी फैलने से रास्ता इस कदर खराब हो गया है कि पैदल राहगीरों के साथ-साथ बड़े वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। श्रावण मास में नीलकंठ महादेव के प्रति आस्था और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूर-दराज से भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए बिसाऊ पहुंच रहे हैं, लेकिन मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग ही श्रद्धालुओं के लिए परेशानी और खतरे का सबब बना हुआ है।
आस्था बढ़ी, लेकिन सुविधा नहीं बढ़ी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिसाऊ की पहचान और धार्मिक प्रतिष्ठा से जुड़े नीलकंठ महादेव मंदिर को पर्यटन के नक्शे पर पहचान दिलाने की बातें तो होती हैं, लेकिन मंदिर तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग की हालत पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है। सड़क पर फैला गंदा पानी और बदहाल रास्ता श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि श्रावण मास में जब श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है, ऐसे समय में सड़क की यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

लोगों का सवाल हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में आने वाले इस मार्ग की समस्या का समाधान करना जिम्मेदार प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग की ऐसी स्थिति शहर की छवि पर भी सवाल खड़े करती है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था कर सड़क को दुरुस्त कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके। अब सवाल यही हैकृक्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या श्रावण मास में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए समय रहते इस समस्या का समाधान करेगा?


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