विजय रंगा (ब्यूरो चीफ)
भीम प्रज्ञा न्यूज.फतेहाबाद। विजय रंगा। साइबर अपराध, धमकी भरी कॉल्स, ऑनलाइन ठगी और रंगदारी के प्रयासों पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा पुलिस की ओर से शुरू की गई ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप को लेकर फतेहाबाद पुलिस आमजन को जागरूक कर रही है। पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने नागरिकों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और पुलिस की ओर से उपलब्ध तकनीकी सुरक्षा उपायों का लाभ उठाने की अपील की है। एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी इंटरनेट आधारित कॉलिंग, वर्चुअल, फर्जी और विदेशी नंबरों के जरिए लोगों को डराने-धमकाने, रंगदारी मांगने और ऑनलाइन ठगी करने के नए तरीके अपना रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से हरियाणा पुलिस ने मार्च 2026 में ‘अभेद्य’ ऐप शुरू की।
संदिग्ध कॉल और डिजिटल संदेशों की पहचान में मददगार
निकिता खट्टर ने बताया कि ‘अभेद्य’ ऐप संदिग्ध, अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों से आने वाली कॉल्स एवं डिजिटल संदेशों की पहचान कर उपयोगकर्ता को संभावित खतरे से बचाने में मदद करेगी। संदिग्ध नंबर से आने वाली कॉल को पहचानने, रिजेक्ट या ब्लॉक करने के साथ संदिग्ध डिजिटल चैट, वॉयस नोट और नोटिफिकेशन से सुरक्षा में भी यह तकनीकी व्यवस्था सहायक है। उन्होंने कहा कि धमकी और रंगदारी के मामलों में अपराधी अक्सर विदेशी या इंटरनेट आधारित वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पुलिस की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने के साथ नागरिकों को अतिरिक्त सुरक्षा देना जरूरी है।
अपराध के बाद कार्रवाई के साथ रोकथाम पर जोर
एसपी ने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर अपराध से निपटने के लिए केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। तकनीक, जागरूकता और समय पर सूचना के माध्यम से अपराध को पहले ही रोकना पुलिस की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।‘अभेद्य’ ऐप के संबंध में जानकारी के लिए नागरिक पुलिस अधीक्षक कार्यालय, साइबर शाखा, नजदीकी थाना या पुलिस चौकी से संपर्क कर सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ड्यूल ओटीपी व्यवस्था पर जोर
एसपी निकिता खट्टर ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड और बड़े वित्तीय साइबर अपराधों से वरिष्ठ नागरिकों को बचाने के लिए ड्यूल ओटीपी जैसी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण हो सकती है। संवेदनशील या बड़े वित्तीय लेन-देन के दौरान खाताधारक के किसी विश्वसनीय परिजन या नामित व्यक्ति को भी लेन-देन की जानकारी मिलने से संदिग्ध ट्रांजेक्शन की समय रहते पहचान की जा सकती है। उन्होंने वित्तीय लेन-देन की लिमिट निर्धारित करने जैसे उपाय अपनाने की भी सलाह दी, ताकि साइबर ठगी की स्थिति में बड़े नुकसान की आशंका कम हो सके।
बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर रखें नजर
एसपी ने अभिभावकों से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों, मित्र मंडली और आर्थिक व्यवहार पर नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी युवा के पास बिना किसी स्पष्ट एवं वैध स्रोत के अचानक अधिक पैसा आने लगे या उसकी गतिविधियों में असामान्य बदलाव दिखाई दे तो अभिभावक सतर्क होकर कारण जानें। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी कई बार युवाओं को पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते, सिम कार्ड, मोबाइल नंबर या अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल अपराध में करते हैं। छोटी सी गलती भी युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर कानूनी परेशानी खड़ी कर सकती है।
जागरूक नागरिक साइबर अपराध के खिलाफ मजबूत कड़ी
एसपी निकिता खट्टर ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में पुलिस के साथ समाज और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। संदिग्ध कॉल, ऑनलाइन ठगी, धमकी या रंगदारी के प्रयास को नजरअंदाज न करें और समय रहते पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि तकनीक का सुरक्षित इस्तेमाल, परिवार की सतर्कता और पुलिस के साथ समय पर सूचना साझा करना साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी हथियार हैं। फतेहाबाद पुलिस की ओर से साइबर अपराध और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को लेकर जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।


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